प्रथम खण्डः
उ च्चाता। ते जाथाताचमायन्धा साटा। दिविसत्भू म्याषुद दाकाउग्रं शाटिर्म्मात। माटट्हाखऔहो वाशि। उ प्श्राखावाःप्ल ॥ १ ॥
उच्चा तेपिजाण। तामा न्धापिसाण। दिवाइ सापीत्भूण। मि याचाद दाशाउग्रं शापिर्म्माण। माहाइ श्राटीट्वाखऔहो वाशि। वाखइश ॥ २ ॥
हाहाउच्चाते जातू। हातहातइत माटिन्धाखसाण। दिविसत्भूमि यायूदापदेश। उग्रं शाखिर्म्माण। ओंचओंटम होखाबाप्लश्रा वोप्लाlहा इशा ॥ ३ ॥
ऊपच्चाते जाशिप्ल्तमौहो न्धाङीसाश। दिविसत्भूमि यायूदापदेश। उग्रं शाखिर्म्माण। म हाटाउवाइ श्राखीवोप्लlहा इशा ॥ ४ ॥
उच्चाते जाती। तामन्धा साटीओमो वाकि। दिविस त्भूकुच्मि याकादायदेटओमो वाकि। उ ग्रांचाशायर्म्माटओमो वाकि। माटट्हाखऔहो वाशि। श्र वाताईटख् ॥ ५ ॥
उच्चाते जाती। ताम न्धाटिसात। दिविस त्भूकीमीया दाटिदातइश। ऊ ग्रांटाहातइश र्म्मोटिहातइश। म हाकाहोइ श्राटिट्वाखऔहो वाशि। ग्वाखभीःप्ल ॥ ६ ॥
उच्चातेजात मातू। न्धा साटाओमो वाकि। दिविस त्भूकुमि याकादायदेटओमो वाकि। उ ग्रंचाश कयर्म्माटओमो वाकि। महाइ श्राटीट्वाखऔहो वाशि। उ ऊखापाश ॥ ७ ॥
उच्चाते जाषीतम न्धातिसात। दिविसत्भू म्याषुद दाकाउग्रं शापिर्म्माण। महाइ श्राखीवात्र ॥ ८ ॥
उच्चाते जाषीतम न्धातिसात। दिविसत्भू म्याटुदा दाथाउग्रं शाटिर्म्मात। म हाटाहो वाथाऔटच्होयइश्र वाटिहो वाथा। औटच्होयइ याटाच्होकइ योखावात्र। ऊख ॥ ९ ॥
उ च्चाखाऔ होता। ते जाटात माखाणफप्ल्। न्धाखसाश। दिविसत्भू म्याषुद देकाआथउग्रं शाटिर्म्मात। मा हीचाश्रा वाकाऔटहोखबाप्ल। होप्लइ ळाशा ॥ १० ॥
उच्चाते जाषीतमन्धसा दोतुहाइ दोतिहातएत। दिविसत्भू म्याषुद देकादोटहातइ दोटाहातएत। उग्रं शाटिर्म्मातदोटहातइ दोटाहातएत। माहि श्राटिवाःखण्। ओपइ ळाशा ॥ ११ ॥
उ च्चाणाते जाणाफ्त माखान्धा साशा। दीवाइ सापीत्भूणम्याटद दाटाओटवातओटवातउवउ वाटीहोचइश। उग्रं शाटिर्म्मातओटवातओटवातउवउ वाटीहोचइश। मा हीचाश्रा वोटाट्याखऔहो वाशि। ययु रेखि ॥ १२ ॥
उच्चा ताखिइजातमन्ध साशू। दी वाचाइ सायात्भूटमि याटाद दाताइश। उ ग्रंचाशकर्म्माच। माकहाटइश्र वाकिउ वाखा। स्तौतषेख ॥ १३ ॥
स्वादाइष्ठा याकुमादाइष्ठा याकु। पावास्व सोकीमाधा राटियात। इन्द्राया पाकी। तावाइ सूटीताःखण्। ओपइ ळाशा ॥ १४ ॥
स्वाथदिष्ठ याटिइ याटाइयाम दिकीष्ठा याटा। पाचवास्व सोटिइ याटाइयाम धाकीरा याटा। इ न्द्राथाय पाटाइ याटाइ याचा। तावाइ सूटीताःखण्। ओपइ ळाप्ला ॥ १५ ॥
स्वाथदिष्ठयौहो वाकुइ याकामदिष्ठा याटी। पाचवस्वसौ हो वाकुइयाम धाकीरा याटा। इ न्द्राचायपौहो वाकीइ याचा। तावाइ सूटीताःखण्। ओपइ ळाशा ॥ १६ ॥
ओइ स्वाखिदीण। ष्ठ याकामा दिथाष्ठा याटाउ वोखावाश। पावास्व सोकीच्मा धाकारा याटाओ ईखान्द्राश। याटपाखऔहो वाशि। तवेसु ताःतीच् ॥ १७ ॥
उहुवाइ स्वाखुदीण। ष्ठ याकामा दीयाष्ठा याटाऔ होखावाश। पावास्व सोकीमा धाचार याखाउहुवाइन्द्राया पाशृ। ताटट्वाखऔहो वाशि। सूखताःप्ल ॥ १८ ॥
स्वा दाताइष्ठा यातिमदिष्ठा याती। पा वाटास्वाखसोशमधार याती। आकइ न्द्राखायापाहा बुशीत वाप्लाइसु ताप्लिबुश। बाश ॥ १९ ॥
स्वादिष्ठयामदिष्ठयापवस्व सोषौमधारयाइ न्द्रातूय पाता। ता वाटाऊटताचवाकऊटतवाउ वाखीऔहो वाशि। सूखताःप्ल ॥ २० ॥
औहोहिंभा एकुहि याताहातहातइश। स्वादाइष्ठ याकुमाखदीशओइ माखिदीण। औहोहिंभा एकुहि याताहातहातइश। ष्ठाकयाप वाकिस्वाखसोशओ स्वाखासोण। औहोहिंभा एकुहि याताहातहातइश। माकधार याकिईखन्द्राशओ ईखान्द्राण। औहोहिंभा एकुहि याताहातहातइश। याकपात वाकिइ सूखाताशओइ सूखिताःण। औहोहिंभा एकुहि याताहातहाखऔहो वाशि। ईख ॥ २१ ॥
स्वादिष्ठयाम दातूइष्ठ याति। पा वाटास्वाटसोतम धाटाराचयाश। आटइ न्द्रातायाटपात वाटिहाउ वाति। सूखताःप्ल ॥ २२ ॥
वृषाप वाती। स्व धाकारा याटाच्माकरूटत्वाताइचाम त्साटूराःत। वाइश्वा दाटीट्धाखऔहो वाशि। नाओ जाटिसाख ॥ २३ ॥
वृ षाताहातबुश। पाखवाशस्वाधा राखियाण। माखरूप्लत्वाखताशइचाम त्साखीराःण। वाइ श्वाकिच्द धाकानाटट्ओखऔहो वाशि। जाखसाश ॥ २४ ॥
वृषापव स्वषुधा रातायात। मारुत्वा ताटीइ चाचाम त्साखाराःण। वि श्वाचादायधाटन ओताजापसोप्ल। हा इशा ॥ २५ ॥
आइवृ षाती। पावा ईटिच्हायऔटहोथस्वाधा राटियात। मारूत्व तेटीहातइशचा माचात्सायरापहाइविश्वादधाहाबुनओजसाहा बुशौ। ओ वाणाफ्ओखवाओ वाशि। अस्मेरा याकीऊ ताटाश्र वाःखा ॥ २६ ॥
वृषापाव एखुहि याणा। स्व धाटारा याखाऔकहो वाशा। मा रूपाऔकहो वाथा। त्वातेचा मायीत्सापराःश। औटच्होययेटऔ होखावात्र। वि श्वाचाद धाकाच्नाकओ जाटासाख ॥ २७ ॥
वृषापा वाटीहौहो औटिहोत। स्वाधारा याटीहौहो औटिहोत। मारूत्वा तेटीहौहो औटिहोतचामात्सा राटीहौहो औटिहोत। विश्वादा धाटीहौहो औटिहोत। नाओजा साटीहौहो औटिहोखण्। ओपइ ळाशा ॥ २८ ॥
वृषापा वाटीऔहोऔ होखीवाश। स्वाधारा याटीऔहोऔ होखीवाश। मारूत्वा ताटीऔहोऔ होखीवाश। चामात्सा राटीऔहोऔ होखीवाश। विश्वादा धाटीऔहोऔ होखीवाश। नाओजा साटीऔहोऔ होचीबाप्ल। होप्लइ ळाशा ॥ २९ ॥
औ होताहोतहाइवृ षाती। पाकवस्वधारा याटुमाचरूकत्वाखताणइश। ओइचा माटिचाकम त्साखाराःण। औ होताहोतहाइवि श्वाती। द धाटानाखओशजा साखाऔहो वाशि। ओइज्व राखी ॥ ३० ॥
वृषाबु होतीहोतहातइश। पाकवस्वधारा याटुमा रूटात्वाखताणइश। च माताच्ओ चाकाम त्साखाराःण। विश्वाबु होतीहोतहातइश। द धाटानाखओशजाटसाखऔहो वाशि। ओइ जूखिवाश ॥ ३१ ॥
य स्ताताइश। मादोवा राटीउ वोखावाश। णीखया स्ताइ नाशी। पावास्वा आटीउ वोखावाश। न्धाखसादाइ वाशी। वाइराघ शाटुउ वोखावाश। साखहाश ॥ ३२ ॥
यस्तेम दाःती। व राताइणी यातिस्ताइनापा वाटुस्वा आतान्ध साता। दाइवा वाकीइ राखाहा बुशा। घ शांप्लास हाशा। होप्लइ ळाशा ॥ ३३ ॥
य स्ताताओइ माखिदाःण। वाराइणा याटुउ वोखावाशहाउ वोखिवाशहातइश। ताइना पाकीवा स्वाकाआन्धा साटिउ वोखावाशहाउ वोखिवाशहातइश। दाइवावाइ राटुउ वोखावाशहाउ वोखिवाशहातइश। घाटट्शाखऔहो वाशि। स होताराचयि ष्ठाःटाख् ॥ ३४ ॥
यस्तेमा दोखीवाशइ याप्ला। राइ णायियाःट। ताइ नाकिपा वाकास्वा औटाहोकवा हाथान्धा साटा। दाइ वाचिवाटइ राखाऔहो वाशि। घशंस हातीच् ॥ ३५ ॥
यस्ताइ मापीदोवरेणी याःशु। ताइना पाकीवाचस्वा आकान्धायसाट। दाइ वाटिवाइ राटिघाकशोपबांप्लसा होप्ला। हा इशा ॥ ३६ ॥
यस्तेमदोवरेणि यातूएत। तेकनाप वषिस्वान्धसा देकीवावी रापिहाणइश। घा शाकाउ वाकासा हाकाउ वाका। उ ऊखापाश ॥ ३७ ॥
तिस्रोवा चाःती। उ दाचाउ दाताआउवा एभी। राखतेगावोमि माशु। ती धाकाइति धातिआउवा एभी। नाखवोहरिरे तिशुक नाचाइक नातिआउ वाट। क्राखदाशत् ॥ ३९ ॥
तिस्रोवा चाःती। उदाइ रापीतेश। गावोमिमान्ति धायूइ नापावाःश। हारिरे त्योखीहाणइश। काटटनाखऔहो वाशि। क्राखदाशत् ॥ ३९ ॥
ति स्रोथावा चोप्लाहाचउ दीकारा ताचाइश। गा वोथामि माप्लाहाचन्ती धेकान वोकाह रशाराइ तोपिहाणइश। कानाइ क्राटीटदाखऔहो वाशि। अस्मा भ्यकिङ्गाततुविक्त माखीम् ॥ ४० ॥
तिस्रोवा चाषीउदीरतो वातुहातइश। गावोमि मातीन्ती धेकानाखवोहरिरे तिशु। काटट्नाखऔहो वाशि। क्राखदात्श ॥ ४१ ॥
ति स्रोणवा चाणाफ्उ दीखारता इशि। गावोमि माकीच्न्ती धाकाइ नायावाटहो वाटाहातइश। हा राचाइ रायाइ तीटाहो वाटाहातइश। कानाइ क्राटीट्दाखऔहो वाश। दीखशाःप्ला ॥ ४२ ॥
तिस्रोवा चाफीउदीर ताकीइश। गाकवोमि मकिन्तीधेन वोषीहरि राटिइ तीता। का नौटाच्हू वाकाएटहो वाका। क्राटट्दाखऔहो वाशि। हातओ वाटाओ वाटाख् ॥ ४३ ॥
इन्द्राये न्दातीबुश। मा रूकात्व ताकाइपावस्व माटुधुमक्त माःची। आथर्कास्या योटिच्नीमा साटिट्दाखऔहो वाशि। इषोवृ धेटीच् ॥ ४४ ॥
आखइ न्द्राशाप्ल्याखइ न्दोणा। मारू त्वाकिताखइश। पाखवाशप्ल्स्वाखमाण। धूमा क्ताकिमाःख। आखर्काशप्ल्स्याखयोण। नीमा साकिदाःख ॥ ४५ ॥
इ न्द्राकाये न्दोकाहो औकहोतवात। मारूत्व तेकहो औकहोतवात। पाचवास्व माटिहो औकाहोतवात। धूचमक्त माटिहो औकाहोतवात। आथर्कास्या योटिहो औकाहोतवात। नि माकास दाटाहो औकाहोतवाखण्। ओपइ ळाशा ॥ ४६ ॥
इन्द्रायेन्दो एतुम रूता। त्वाता इषापवास्वम धूकुम क्ताटामातच्हू वाकएटहोतवात। आर्का स्याटियोतच्हू वाकएटहोतवात। नीमा साटिदाःखण्। ओपइ ळाशा ॥ ४७ ॥
इन्द्राये न्दोषीमरूत्वत ओतुहातइश। पवा स्वाकिमधुमक्त माकुओटहाखओखहाण। आ र्काथास्या योटा। नाटइ माखाऔहो वाशि। उ प्साखादाःप्ल ॥ ४८ ॥
इन्द्राये न्दोतीहातबुश। मारूत्व तेटीहातबुश। पावास्व माकीहातबुश। धूमाक्त माटीहातबुश। आर्कास्य योटीहातबुश। नि माटाहोखबाप्लसा दोप्ला। हा इशा ॥ ४९ ॥
इन्द्राये न्दोतीवा ओतावात। मा रूकात्वताउ वाकीआउ वाकि। पा वाकास्वमाउ वाकीआउ वाकि। धू माकाक्तमाउ वाकीआउ वाखिअर्काहाबुस्ययोहा बुशृ। नीमाउ वाकीहोपबाप्लसा दोप्ला। हा इशा ॥ ५० ॥
इन्द्राये न्दोषीमरू त्वातितातइश। पवास्व मकीधूशमाचक्तायमापअर्कस्ययोनिमाहा बुशृ। सा दोप्ला। हा इशा ॥ ५१ ॥
आ साता। व्यंकशु र्म्माताआउ वाटि। दाखयाप्सुदा क्षाःशी। गि राताआउवा एभी। ष्ठाःख। श्ये नोकानाटयोत। नि माताआउ वाटि। साखदाशत् ॥ ५२ ॥
असावि याती। शुर्म दाटिच्याकप्सुद क्षोषिगाइरि ष्ठाःकी। श्याइ नोयिना योटाच्नीकमोपबाप्लसा दाप्लात् । हा इशा ॥ ५३ ॥
अ साफाव्याउ वोखिवाश। शुकर्म्मदा याटिउ वोखावाश। आ प्साटाउ वोखावाश। दक्षोगिराइ ष्ठाटूउ वोखावाश। श्येकनोनयोनिमा साटू। दाखत् ॥ ५४ ॥
अ साफाव्यौवाउ वोखीवाश। शुकर्मदा यौकिवाउ वोखिवाश। आ प्सूफादक्षौवाउ वोखुवाश। गीराइ ष्ठौकीवाउ वोखिवाश। श्ये नोफानयौ वाउ वोखुवाश। नीमासा दौकीवाउ वोखिबाप्ल। होप्लइ ळाशा ॥ ५५ ॥
असाव्युहु वातुहातइश। अंकशुर्मदायाप्सुद क्षोषृगिरिष्ठाउहु वाटूहोचइश। श्याकइ नोतानाटयोखऔहो वाशि। नीमा साटिदाचत् ॥ ५६ ॥
असाव्यं शुषीरौहो वातिहातइश। म दाटाच्याप्सुद क्षोषीगिरि ष्ठाःकि। श्याइ नोयिना योटा। नाटइ माखाऔहो वाशि। उ प्साखादाशत् ॥ ५७ ॥
इ हाताओ वापाइहाअसा व्यंषुशुर्मदाये हाशु। आप्सुदक्षोगि रिकूष्ठाःखणफप्ल्। ईखहाश। श्येकनोन योटिनि माखाणफप्ल्। ईखहाश। आटस दाखाणफप्ल्त् । ईखहाश ॥ ५८ ॥
अ साखाव्यं शुप्लार्म दाखायाहा बुशि। आप्सु दाखिक्षाःण। गिराइ ष्ठोपीहाणइश। श्याइनो नाभीयोत। नाइ माटिहाखण्इश। सापदाप्लत् । हा इशा ॥ ५९ ॥
पवा स्वाफिदौ होफाऔ होफावातहातइश। क्षा साथाच्धाकनाटऔ होताऔ होतावातहातइश। देकवेथभ्यःपाइत येकुच्हाकराटऔ होताऔ होतावातहातइश। मारू त्भ्योचिवाटऔ होताऔ होतावातहातइश। याटट्वाखऔहो वाशि। माखदाःप्ल ॥ ६० ॥
पवस्वद क्षषूसाधन ओतीवात। देकवेभ्यःपीत याटुहोइह राटीइश। मारू त्भ्योचिवाटऊपय वोप्लाबामा दोप्लि। हा इशा ॥ ६१ ॥
पा रीतास्वानोगीरि ष्ठाःचु। प वाटाइ त्रेखासोकमोथअक्षा राटित् । मदाइ षूकीसा ईटायातर्वाकधोपबाप्लआ सोप्ला। हा इशा ॥ ६२ ॥
पर्येपा रीती। स्वानोगिरि ष्ठाःचुप वाटाइ त्रेखासोकमोथअक्षा राटित् । मदाइषू साटुहातर्वाटट्धाखऔहो वाशि। एआतसीटाख् ॥ ६३ ॥
पा रीफास्वा नोफागाखइरि ष्ठाःशि। पा विचात्रेकसो मोकाअक्षा राकित्पावि त्रेकिसो मोटाअ क्षाखाराणत् । ओइम दौकीवाखओखवाषु वाशि। साथर्वाधायसाइ माटूट्दाखऔहो वाशि। एतच्षु साकार्वाधा याटिसीख ॥ ६४ ॥
औटहोइ हाचिहाकच्हा होकायौटहोखवाश। पराइ स्वाखीनोशगी राखाइ ष्ठाःणा। पवाइ त्रेखीसोशमोअ क्षाखिराणत् । मदाइ षूखीसाशर्वाधा याखिसीण। औटहोइ हाचिहाकच्हा होकायौटहोखवात्र। एतऊ पाटाख ॥ ६५ ॥
पर्येस्वा नाःती। गाटइरि ष्ठाःचिइ याटाच्हा हाथाउ वाटाहोचइश। पावि त्रेकिसो मोटाअक्षा रात्चिइ याटाच्हा हाथाउ वाटाहोचइश। म दाटाइ षूकासाच। हा हाथाउ वाटाहोटर्वाकधोपबाआ सोप्लि। हा इशा ॥ ६६ ॥
पयौहोवाहा इषूस्वा नाःता। गाटइरि ष्ठाःचि। इ याटाच्ओखहाशप्ल्हातइश। हा हाथाओ वाकाओ वाका। पावि त्रेकिसो मोटाअक्षा राचित् । ओखहाशप्ल्हातइश। हा हाथाओ वाकाओ वाका। म दाटाइ षूकासाच। ओखहाशप्ल्हातइश। हा हाथाओ वाकाओ वाकार्वाकधोपबाआ सोप्लि। हा इशा ॥ ६७ ॥
परिप्रि याषीदिवःका वीःती। वायांसिन प्त्योषुर्हिता स्वाकिनै र्याटातीत। आ याकाउवाइ याशीईटयात। का वीःचाक्रा तोटाट्याखऔहो वाशि। ईख ॥ ६८ ॥
परिप्रि याफीदि वःशाक वाकाइःश। व याटाच्हाकउवां सिकिनप्त्योवा र्हीकीताःच। स्वाकनै र्याटातीत। हु वाकाहो वाकाहो वाकाहु वाटाईटयात। का वीःचाक्रा तोटाट्याखऔहो वाशि। ईतयाटख्म् ॥ ६९ ॥
द्वितीय खण्डः
प्रसो माखिसाःण। मद च्यूचिता औटाहोतवातइश्र वाटिसाखइ नाःणा। ओइमघो नाटुम् । सूता वाटिट्इ दाखाऔहो वाशि। थेअक्र मूःखी ॥ १ ॥
प्रसोमा साःती। वाइपा श्चीकीताशआचपोयना याटान्ताऊर्म योकीवाचनायनि माटाओ औकाहोत। हिषा ईचिवाइ ळाटिभाखण्। ओपइ ळाशा ॥ २ ॥
पवस्वे न्दोफीवृ षाशासु ताःका। कृधीनोयश सोषुजना एपिवाइश्वाया पाशु। द्वाटइ षाखाऔहो वाशि। जाखहिश ॥ ३ ॥
वृषाहि याती। सिभा नूभिनात। द्युमन्तत्वाह वायूमा हापाइपा वाति। मानासु वोटीओपबाश। दृखशशम् ॥ ४ ॥
वृषाहि याफीसिभानु नाकी। द्युमन्त न्त्वाटीहवाम हेकीहो वाकाऔटहो वाका। पाव माटिनाचसुवदृ शंटीहो वाकाऔटहो वाका। हू वोखाइ ळाप्ला ॥ ५ ॥
इ न्दूखारौहोवाहाइपा वीशृ। ष्ट चाटाईत नोखिहाणइश। हाकहो एटाहोटवात। प्रीयाःक वीकीनाम्मति रोपीहाणइश। हाकहो एटाहोटवात। सृ जाटाद श्वांखाहाणइश। हाकहो एटाहोटवात। राटथाखऔहो वाशि। ईखवाश ॥ ५ ॥
इन्दुःपविष्ट चेषूतनःप्रियःक वातूइश। हिंटहिन्ना म्माखितीःण। सृज दापिश्वाशम् । हिंटहिंतराटट्थाखऔहो वाशि। ईखवाश ॥ ७ ॥
इन्दुःपविष्टचेतनःप्रियःक विषोनाम्मतिंसृ जातुद श्वांता। ओ वाकाओ वाकाराटट्थाखऔहो वाशि। ईखवाश ॥ ८ ॥
असृक्षा ताखीप्राशवाजी नाःप्लि। ग व्याटासो माटासोतआश्व याचि। शु क्राटासो वीटार याकाच्शाकव ओपाइ ळाशा ॥ ९ ॥
असृक्षता प्रातुवाजी नाःति। गव्यासोमा सोषुआश्व याटिहोचइश। शु क्रातासो वाटाहोचइश। राकया शाटाट्वाखऔहो वाशि। ग्वाखभीःश ॥ १० ॥
असृक्ष तषीप्रवाजिन एखुगव्यासो माशी। सोतआ श्वापायाश। शु क्राटासोखवीण। राकयोपबाप्लशा वोप्ला। हा इशा ॥ ११ ॥
पावास्वा देती। व यातावाटयाखऔहो वाशि। यूखषागाइन्द्रङ्ग च्छाशू। तु ताताइ तुटाताखऔहो वाशि। माखदाःप्ल। वा यूंटाच्होयआटरोत। ह धाताहाटधाखऔहो वाशि। र्म्माखणाश ॥ १२ ॥
पवस्वदे वाफुऐहिऐ हीखीयाश। आयुषा गैटीही ऐटाहीटयात। इन्द्रङ्ग च्छषीन्तुतेमदा ऐटुही ऐटाहीटयात। वायूमा रोकीओ हाकाधोपबाप्लर्म्मा णोप्ला। हा इशा ॥ १३ ॥
पा वाता। मानोअ जीकीजाखनाणत् । दी वाचाश्चि त्राचान्न्यतान्य तूशीम् । ज्योती र्वैकिश्वा नाटाराखऔहो वाशि। बृखहाशत् ॥ १४ ॥
पवमा नाःती। अजाइ जापीनाशत् । दी वाचाश्चि त्रांटाहातहातइशना तकान्याखतूणम् । ज्योखतीशर्वाखइ श्वाणा। न रोप्लाबाबृ हाप्लित् । हा इशा ॥ १५ ॥
पा रीता। स्वानासइन्द वोषूमदा याचिबर्ह णाटिगि राखाम धोखाअ र्षाताम् । तीकधोपबाप्लरा योप्ला। हा इशा ॥ १६ ॥
पर्येपा रीती। स्वानासइन्द वाषूउ वाटाहाउ वाटिहोकवाथइ याचा। मदायबर्ह णाषूगिराउ वाटीहाउ वाटिहोकवाथइ याचा। माधोअर्ष न्तिषुधारयाउ वाटुहाउ वाटिहोकवाथइ योटाट्याखऔहो वाशि। ऊखपाश ॥ १७ ॥
पा रीफास्वा नाणाफ्साखइन्द वाःशि। म दाटायाचबर्ह णाचिगीकरामधो आटीर्षातन् । ऊर्म्मिरि वाटीईटयात। ति धाकाच्राकया औटाहोखबाप्ल। होप्लइ ळाशा ॥ १८ ॥
परिप्रा सीती। ष्याद त्काचिवीःट। सिन्धो रूर्म्मावा धीयूश्री ताःटा। कारू म्बाटिट्इ भ्राखाऔहो वाशि। पू रूतास्पृ हाटाख्म् ॥ १९ ॥
तृतीय खण्डः
इ हाटाच्इकहाशउपोषुजात माटूच्प्तूकराचमि हाशा। इ हाटाच्इकहाशगोभिर्भङ्गम्प राटूच्इ ष्कृकाताचमि हाशा। इ हाटाच्इकहाशइन्दुन्देवाअ याटूच्सीकषूःचइकहाश ॥ १ ॥
आषउपोषुजात माटूच्प्तुकराचमु पाशा। गो भाटाइ र्होकाच्इश। भङ्गम्प राटीइष्कृ ताचिमु पाशा। इ न्दुंटाच्होकइश। देवाअ याटीसिषु रातिआउ वाटि। उ ऊखापाश ॥ २ ॥
उपोष्वौहो इषुजा ताताम् । आ प्तूटारातमौ होटावातइ गोचाभि र्भाखागणम् । ओइपा रीयीष्कृ ताटाम् । इ न्दूटान्दे वाखाऔहो वाशि। अयासि षूःखी ॥ ३ ॥
पुनानो याती। क्रामी दाखिभीःण। वि श्वाटामाखर्द्धोशवीच र्षाखिणाणइःश। शु म्भाटान्ताखवीण। प्राटट्न्धाखऔहो वाशि। तीखभीःप्ल ॥ ४ ॥
आविशन्का लातुशंसु ताःति। वाइ श्वाकिअकर्षथन्नाकभाइश्रा याटीओटहातओ वाटाओखहाण। इन्दू राटिट्इ न्द्राखाऔहो वाशियधीय तेखी ॥ ५ ॥
आ वीफाश ङ्काफाल शंफाप्ल्सुतो वाखिइ श्वाणा। अ र्षथाच्न्नाकभाइश्रा याटीऔहोऔ होखीवाश। औटहोऔ होतिच्इ न्दूकारायइ न्द्राटा। याधी याटिट्ताखऔहो वाशि। ऊखपाश ॥ ६ ॥
असर्जि राती। थियो यापिथाश। पावि त्रेचिचामु वोटिस्सूखताःण। काकर्ष्म न्न्वाटाजीत। नि याचाक्राकमाइ दौपिहो बाप्ला। होप्लइ ळाशा ॥ ७ ॥
प्रय द्धातिबुश। गा वोथाच्ना भूकार्णाययापस्त्वे षाता। अयासोअ क्राकुमु घ्नाचान्ताः काटार्ष्णातम् । आपात्वच मौकुहोटट्हाखऔहो वाशि। उ ऊखापाश ॥ ८ ॥
प्रय त्गाकिवोखनभूर्णा याःशी। त्वाइ षाचिअ याकासोटअक्र मूकिघ्नापतो हाणाइश। काटट्र्ष्णाखऔहो वाशि। आथप त्वाटाचाखम् ॥ ९ ॥
अपघ्नन्हो इषुपा वाता। साचइ मायार्धाःट। क्रतूवि त्सोकीच्मा माकात्सायराःट। नुद स्वाटिट्दाखऔहो वाशि। व युकान्ज नाटाख्म् ॥ १० ॥
एआयाप वातु। स्व धाकारा याटाच्हायउ वाटाच्ऊखपाश। याया सूकिर्यम रोकिचा याटाच्हायउ वाटाच्। ऊखपाश। हिन्वानोमानु षाटूइ र्होकाच्याकप याताआउ वाटि। उ ऊखापाश ॥ ११ ॥
स होताइपव स्वाशी। या याटावीकथा इथान्द्रवृ त्राटिया हकान्ताखवाणइश। ओ वाटाओखवाण। वब्री वांटिसांत। मा हीकाराकपा औटाहोखबाप्ल। होप्लइ ळाशा ॥ १२ ॥
अयावी तीती। पाकरिस्रवाय स्ताकुइन्दोमा दाकीइषु वाटिअवा हाभिन्नात। वाततोपबानाप्लवोप्ला। हा इशा ॥ १३ ॥
अया वीकिता औथाहो वाटा। औ होथाच्औकहोटट्वाखऔहो वाशि। प रिकास्रा वाकायस्तइ न्दोकीच्औकहो वाटा। औ होथाच्औकहोटट्वाखऔहो वाशि। म देटाच्षु वाकाअ वाकाहा न्नाकाच्औकहो वाटा। औ होथाच्औकहोटट्वाखऔहो वाशि। वतीर्न वाटीख् ॥ १४ ॥
आ याणावी ताणाफ्इ पाखारिस्र वाशि। या स्ताचाइ न्दोथाच्मा दाकाइ षूयावाट। अवा हाभिन्नात। व तीकार्न्नाकवा औटाहोखबाप्ल। होप्लइ ळाशा ॥ १५ ॥
परिद्यु क्षातीम् । ओइसनद्रा यीटूम् । ओइभरद्वा जाटूम् । ओइनोअन्ध सापूस्वा नोखाअ र्षाता। वाकवोपबाप्लत्रा योप्ला। हा इशा ॥ १६ ॥
चतुर्थ खण्डः
अचिक्र दातीदा चीकाच्क्राकदाखदचिक्रदा देप्लु। वृषाह रातीइशवा र्षाकाच्हाकराखइवृषाहरा एप्लू। महान्मि त्रोतीमा हाकान्मिकत्रोखामहान्मित्रा एप्लु। नदर्श तातीना दकार्शाकताखनदर्शता एप्लु। संसू र्यातिइशसं सूकाच्रीकयाखइसंसूर्या एप्ल। णदिद्यु तातीइशणा दीकाच्द्यूकताखइणा दाशिइद्युता बूप्ली। बाश ॥ १ ॥
आतेद क्षातीम् । मयो भूभिवातम् । वन्हिमद्यावृ णीटूमाखहाणइश। पा न्ताकामा ईटायात। पूरू स्पृटिट्हाखऔहो वाशि। उ ऊखापाश ॥ २ ॥
आते दाखिक्षांशमायो भूखिवणम् । वन्हिमद्यावृ णिफूम होखाहा इशा। पा न्ताटामातईटयातपूटट्रूखऔहो वाशि। स्पृखहशम् ॥ ३ ॥
आतेदक्षम्म योफूभु वांखाहा इशा। वन्हिमद्यावृ णीफूम होखाहा इशा। पा न्तायामाटपू रूकास्पृहामी ळाटीभाखण्। ओपइ ळाशा ॥ ५ ॥
अध्व र्योपिआण। द्रिभाइ स्सूभीतांतसो मंकापाखवीण। त्रा आयाना याटा। पु नाटाही न्द्राखाऔहो वाशि। यापा ताटिवेख ॥ ५ ॥
अध्व र्योषिऔहोअद्री भीःतु। सूचत मौटाहोतवातइशसो मंकापाखवीण। ओइत्रा यायीना याटा। पुना हाटिट्इ न्द्राखाऔहो वाशि। ए(तच्याकपा ताटावेख ॥ ६ ॥
तरत्स मातीन्दीतधा वायाताटइश। धा राटासूखताण। स्या न्धाटाट्साखऔहो वाशि। तारत्समन्दी धाकुव तीखी ॥ ७ ॥
आपव स्वाती। साचहस्रि णांटिहु वाटाइहु वाटिहोचइश। र यिंकासो माकासुवी र्यांटिहु वाटाइहु वाटिहोचइश। अ स्मैथाश्रवांसि धाकीरा याटाहु वाटाइहु वाटिहोटट्याखऔहो वाशि। ऊखपाश ॥ ८ ॥
आनुप्र त्नाषीसआ यातिवाःत। पादन्न वीषीयोअक्र मूःची। रूचेजना न्तापुसूशहिम्मा एभि। रीखयशम् ॥ ९ ॥
आ र्षाचाइ हाशा। सोमाद्यु माटीक्ता माचाइ हाशा। आ भाचाइशइ हाचा। द्रोणानि रोटीच्रूकवाचदि हाशा। सीकदाचनि हाशा। योनौव नाटीच्इशषू वाचाइ हाशा ॥ १० ॥
आ र्षाकाहातबुश। सोमद्युमक्त मोषूअभि द्रोटिणातनिरो औभिहोतरू वाटात्सीदाउ वाती। योनौ वापिनेशहिम्मा एभि। षूखवाश ॥ ११ ॥
अर्षासोमाद्यु माफूक्त मोखाअर्षासो माशी। द्युमक्त मोकीअभि द्रोकिणाटहातहातइश। नी रोचारूव त्साकिइदन्यो नौटीहातहातइश। वानाइ षुटीवाखण्। ओपइ ळाशा ॥ १२ ॥
वृषासो माती। द्यू मंचाआयसाटइश। वृषादाइ वोटुहातइशवा र्षाकाव्राखताःण। वृषाध र्माकीइटयात। णाइ दकिद्रिषाइ ळाटीभाखण्। ओपइ ळाशा ॥ १३ ॥
इषेप वाती। स्वधार यौकीहोवा हाखिऔहो वाशि। मृज्यमा नोकीमनीषी भीःटीख्। इ न्दोचारूकचाफभिगा औशिहोवा हाखिऔहो वाशि। उपई(किहीख ॥ १४ ॥
मन्द्रया सोती। माधार याषीवृष पाटिवातच्। स्वाकदाइ वाटियूःत। अव्या वाटिट्राखऔहो वाशि। भिरस्म यूःतीच् ॥ १५ ॥
आ याणाफ्सोखमसूकृत्य याशु। माहान्सन्नाभ्य वाटूर्द्धाखथाःण। मायन्दाटनायईटद्वृषा याखि। सात्रइश ॥ १६ ॥
आखबुहौहोवा हाषुअयावि चाशी। र्षणाइ र्हाटीइ ताःखा। आखबुहौहोवा हाषुइपवमा नाःशु। साचाइ ताटीताखइश। आखबुहौहोवा हाषुइहिन्वान याशु। पि यौटाहौहा होखिबाप्लबृ हाप्लात् । हा इशा ॥ १७ ॥
प्रणइ न्दोफीऐहीऐ हीखीयाश। माहेतुन ऐटुही ऐटहीटयात। ऊकर्म्मिन्नबि भ्रषीदर्षसी ऐटूऐहीऐ हीखीयाश। आभाइ दाटीट्इ वंखाऔहो वाशि। आ याटास्याःख ॥ १८ ॥
प्रणइ न्दोफीइ याखाईखयाश। माहेतुनइ याटूईटयात। ऊकर्म्मिन्नबि भ्रषीदर्षसी याटीईटयात। आभाइ दाटीइ वंखाऔहो वाशि। एतच्आकयाटस्याःख ॥ १९ ॥
हो ईखायाप्लहो ईखायाईयाहा इशु। अप घ्नाटिन्पाखहो ईखायाप्लहो ईखायाईयाहा इशु। वाताइ माटीट्र्द्धाखऔहो वाशि। अप सोकिमोअ राटिवि ण्णाःखाहो ईखायाप्लहो ईखायाईयाहा इशु। गच्छ न्नाटिइ न्द्राखाहो ईखायाप्लहो ईखायाईयाहा इशु। स्यानाइ ष्काटीट्र्क्ताखऔहो वाशि। ईख ॥ २० ॥
पञ्चम खण्डः
पुनान स्सोती। माटट्धाखऔहो वाशि। राखयाश। आपोव सातीनोकअथर्षस्यारा त्नाटीधाःत। योनाइ माटीर्क्तातस्याटट्साखऔहो वाशि। दाखसीश। उत्सो देभिवोतहाटइ राखाऔहो वाशि। ण्याखयाश ॥ १ ॥
पुनानस्सो मषुधार याति। आपोव साकीनोकअथर्ष स्योटाहातओटहातइश। अ राकात्नाधा योकिनिमृत स्याचीसीथद स्योटाहातओटहातइश। उ त्सोचादायइ वाटाओटहातओटहातइश। हिर ण्याटियाखण्। ओपइ ळाशा ॥ २ ॥
पुनान स्सोफीमधार याकीआ पोटावा साटानोतअर्ष सीचि। अ राटात्ना धाटायो नीथामा र्क्ताटास्यातसीद सीचि। ऊ त्सोटादाइ वोटिचहीकर ण्याटायाखण्। ओपइ ळाशा ॥ ३ ॥
पुनानस्सो मषुधारयापोव सोतूवात। नोअ र्षकिस्या राकात्नाधाउ वाकीओटहातइश। योचनिमृता स्यचीसीथदस्युत्सो देटीवाउ वाकिओटहातइश। हीर ण्याटियाखण्। ओपइ ळाशा ॥ ४ ॥
पुनान स्सोषीमधा होतिर याता। आपोव साकीनाया होटिर्षा सीटा। आरत्नधा योषुनिमृ ताकिस्यासा होटिइदा सीटि। ऊ त्सोटाच्होयइ दाटाइ वोता। हीकरोपबाप्लण्या योप्ला। हा इशा ॥ ५ ॥
इ याटाईटयात। पूनान स्सोटीमधा राखियाण। आपोव साकीनोअ र्षाटिसीत। आरत्नधा योषुनिमृ ताकिस्यासि दाटिसीत। ऊकत्सो देथावो हाटाट्इ राखाऔहो वाशि। ण्यातयाटख् ॥ ६ ॥
पुनानस्सोम धाषूरयाओहाओ हातूए औटाहो औटाहोतवात। आपोव साकीनोकअथर्ष स्योटाहातओटहातए औटाहो औटाहोतवात। आ राकात्नाधा योकिनिमृता स्याचीसीथद स्योटाहातओटहातए औटाहो औटाहोतवात। उ त्सोचादायइवा ओटिहातओटहातए औटाहो औटाहोतवात। हीर ण्याटिट्याखऔहो वाशि। स दोतावीटशाःख ॥ ७ ॥
ओटहोयवा ओटाओटहोयवा ओटाओटहोकच्वाकओ वाकाओटट्वाखऔहो वाशि। पुनान स्सोकीमधार याकीआपोव साकीनोकअथर्षस्या राटित्नाधा योकिनि मृकात स्याचासीथदस्युत्सो देटीवाःच। ओटहोयवा ओटाओटहोयवा ओटाओटहोकच्वाकओ वाकाओटट्वाखऔहो वाशि। एतहि रकाण्य याटाख् ॥ ८ ॥
ओतच्होचवाकओ वाकाओटट्वाखऔहो वाशि। पुनान स्सोकीमाधार याकीपोव साकिनोकअथर्षस्या राकित्नाधा योकिनि मृकातास्य सीचिद सीखा। ओतच्होचवाकओ वाकाओटट्वाखऔहो वाशि। उत्सो देकिवोहिरण्य याकुइ ळाटाभाखण्। ओपइ ळाशा ॥ ९ ॥
आयिपु नाती। नास्सो माकिधारयाअपोवा साकूओ नोकाअर्ष सीचि। आरात्ना धाकीओयोनिमृत स्याकूसीद सीचि। उत्सोदाइ वाकुओचइश। हीर ण्याटियाखण्। ओपइ ळाशा ॥ १० ॥
पुनान स्सोषीमधाहाबु होतुवात। रा यापापोव साटिन याखाणफप्ल्। र्षाखसीश। अ रापाऔकहो वाथा। त्नाधा योकिनिमृ ताटिस्य साखाणफप्ल्इश। दाखसीश। उ त्सोपाऔकहो वाथा। दाइ वोटिहि राखाणफप्ल्। ण्याखयाश ॥ ११ ॥
पुनानस्सो मषुधार याति। आपोवसा नोकुअ र्षापासीश। आरत्नधायो निषूमृतस्यसीद सातूऐ हीता। उत्सो दाटिइ वोता। हि राताआउ वाटि। एतण्य यातायाख ॥ १२ ॥
पुनानस्सो मषुधारया एतुऔ होखावात्र। आ पोकाव साटान याखाणफप्ल्। र्षातसीटख्। आरत्नधायो नीषूमृतास्या साकीओ औपाहोश। दातसीटख्। उत्सो औपिहोशदाइ वोचिहि राखाणफप्ल्। ण्यातयाटख् ॥ १३ ॥
पुनानस्सो मातुधा रापायाण। आपोवसानोअर्ष स्यारत्न धाषौयोनिमृतास्य साटूइद सातिओ हापाउ वाशा। उत्सोदेवोहि राटूहातओ हापाउ वाशा। ण्याकया औटाहोखबाप्लहोप्लइ ळाशा ॥ १४ ॥
पूचनायनापसोशमाप्लधा राखायाण। आ पोकाव साकानटयाखणफप्ल्। र्षाखसीश। आ राकात्नाधा योकिनिमृ ताटिस्य साखाणफप्ल्इश। दाखसीश। उ त्सोटादाइ वोटिहि राखाणफप्ल। ण्याखयाश ॥ १५ ॥
हाउ वातिहाउ वातिहातहाउ वोखिवाप्लहातइश। पूना नाखिस्सोशमधा राखियाण। आपो वाखिसाशनोआ र्षाखिसीण। आरा त्नाखिधाशयोनाइ माखीर्क्ताशस्यासि दाखिसीण। उत्सो दाखिइ वोशाहाइरा ण्याखीयाण। हाउ वातिहाउ वातिहातहउ वोखीवाप्लहाखऔहो वाशि। एतआ तिकावि श्वाकानीदू रीकितात रेकिमाख ॥ १६ ॥
परीतो षीती। ञ्च ताताआउ वाटि। सूखतशम् । सो मोटाया ऊचाक्ता मंचाहा वीःचा। सोमोय ऊती। क्त मांताआउवा । हाखवीःश। द धकान्वायोन र्योटीच्अप्स्वन्त राची। दधन्वा याःती। न र्योटाच्आचप्सु आताआउ वाटि। न्ताखराश। सू षाचाव सोशामाकमद्रि भीःटिख्। सूषाव सोती। म माताआउवा । द्राखइ भीःप्ला ॥ १७ ॥
परितो षीती। ञ्चता सूभिता मौटाहोतवा औटाहोतवा यीटायातयीटयाखहाप्लहाउ वाति। सो मोटाय ऊचाक्ता मंचाहा वीःचा। सोमोय ऊती। क्तमां हाभिवी रौटाहोतवा औटाहोतवा यीटायातयीटयाखहाप्लहाउ वाति। द धकान्वायोन र्योटीच्अ प्सचान्ता राचा। दधन्व याःती। न र्योटाअ प्सुटाअ न्ताटारा औटाहोतवा औटाहोतवा यीटायातयीटयाखहाप्लहाउ वाति। सू षाचावसो माकिमामद्रि भीःटीख्। सूषाव सोती। ममा द्राभिइभि रौटिहोतवा औटाहोतवा यीटायातयीटयाखहाप्लहाउ वाति। उ ऊखापाश ॥ १८ ॥
औहो इषिपरितो षीती। ञ्ज ताताच्सूत मौटिहोऔ होतिच्वाकऔकहोखवाश। सो मोटाय ऊचाक्ता मंकाहावि रौटीहोऔ होतिच्वाकऔकहोखवाश। द धकान्वायोन र्योटीच्अप्स न्ताकिरा औटाहोऔ होतिच्वाकऔकहोखवाश। सू षाचावसोमा माचीद्रिभि रौटिहोऔ होतिच्वाकऔकहोपवाउहुवा हाप्लीबुश। बाश ॥ १९ ॥
पर्येप रीती। तोकषिञ्च ताटिच्सूतमाउ वाप्लुहाबु हातिबुहो वाकि। सो मोटाय ऊचाक्ता मंचाहाविराउ वाफुहाबु हातिबुहो वाकि। द धकान्वायोन र्योटीच्अप्स न्ताकिराउ वाटिहाबु हातिबुहो वाकि। सूषा वाटिसोतहाबु हातिबुहो वाकि। माचम द्राप्लइभिरूहु वाप्लुहा बुशा। बाश ॥ २० ॥
परितोषिञ्च ताषूसुतं एति। सो मोचायाकउक्तामं हाकीवि र्दाखाधाप्लहातइश। न्वायोनर्योअ प्सुटूआन्ता राकिसूखषाप्लहातइश। वा सोकामा मोपाबाप्लद्राइ भोप्लि। हा इशा ॥ २१ ॥
परितोषिञ्च ताषूसुतं एतिएत। सो मोचायाकउक्तामं हातीवि र्दाखाधाप्लहातहातइश। न्वायोनर्योअ प्सुटूआन्ता राकिसूखषाप्लहातहातइश। वा सोकामा मोपाबाप्लद्राइ भोप्लि। हा इशा ॥ २२ ॥
परितोषिञ्च ताषूसुतंइ हाती। सोमो यषिउक्तामं हाटीवीरि हाति। द धकान्वायोन र्योषीअप्स न्ताटिराई हाति। सुषा वाटिसोइ हाति। मामा द्राटिट्इ भाखाऔहो वाशि। ईखहाश ॥ २३ ॥
इहापरीतो षिषूञ्चतासुतंइ हातू। सोमो यषिउक्तमं हाटीवीरि हाकिउ वाशा। ऊखपाश। द धकान्वायोन र्योषीअप्स न्ताटिराइ हाकिउ वाशा। उखपाश। सूषा वाटिसोइ हाकिउ वाशा। ऊखपाश। माचम द्राटाइभीरि हाकीउ वाशा। उ ऊखापाश ॥ २४ ॥
परीतोषिञ्च ताषूसु ताताम् । सोकमोकयाउक्ता मंकीच्हा वाकाइर्दा धाटिउ वोखावाश। ऊखपाश। न्वायोन र्योषीअप्स न्ताटिरात। सूषा वाटिसोत। मा माकाद्रिभिरि ळाटीभाखण्। ओपइ ळाशा ॥ २५ ॥
परीतोषिञ्च ताषूसुतं ओतिवात। सोमो यटिऊचक्ता मंचाहाविर्द धाचीन्वाययोटहातहातइश। न र्योटाच्अ प्स्वचान्ता राचासू षाचावायसोटहातहातइश। मा माकाद्रिभीरि ळाटीभाखण्। ओपइ ळाशा ॥ २६ ॥
परीतोषिञ्ज तातूसु ताताम् । सोमोयउक्त मांटूट्हा वीःटा। द धकान्वायोनर्योअ प्साटूट्न्ता राटा। सूषा वाटिसोत। माकमोपबाप्लद्राइ भोप्लि। हा इशा ॥ २७ ॥
पारीतो षाटीइञ्चतासु ताभुमै हिटाऐ हीटाऐचहिहो वाथिउ वाटाईटयात। सो मोटाच्य ऊकाक्तामंहा वीभीरै हीटाऐ हीटाऐचहिहो वाथिउ वाटाईटयात। द धकान्वायोन र्योटीच्अप्स्वन्ता राभीऐ हिटाऐ हीटाऐचहिहो वाथिउ वाटाईटयात। सूषाव सोटीमाकमद्री भीभिरै हीटाऐ हीटाऐ हीटाऐचहिहो वाथिउ वाटाईटयाखण्। ओपइ ळाप्ला ॥ २८ ॥
ऊ पाचाऊचपाफउ पाताओपऊ पाचाऊकपाफ। परीतोषिञ्च ताषूसुतमू पाचीऊचपाफउ पाताओपऊ पाचाऊकपाफ। सोमोयउक्त मंषूहविरू पाचीऊचपाफउ पाताओपऊ पाचाऊकपाफ। दधन्वायोन र्योषूअप्स्व न्तराऊ पाचूऊचपाफउ पाताओपऊ पाचाऊकपाफ। सुषावसोम मषूद्रिभिरू पाचीऊकपाफउ पाताओपउप ऊखिपात्र। ऊखपाश ॥ २९ ॥
हाबुहा बुषीहाउ वाति। पारितोषिञ्च ताकूच्सूकतामु पाटिख्। हाबुहा बुषीहाउ वाति। सोमोयउक्त मंकूच्हाकविरू पाटिख्। हाबुहा बुषीहाउ वाति। दधन्वायोन र्योषूअ प्स्वकाच्न्ताकराउ पाटिख्। हाबुहा बुषीहाउ वाति। सुषावसो माकूद्रीकच्भिरू पाटिख् ॥ ३० ॥
हाबुहा बुषीहाउ वाति। पारितोषिञ्च ताकूसू ताचामिहाउ पाटीख्। हाबुहा बुषीहाउ वाति। सोमोयउक्त मंकूह विचारिहाउ पाटीख्। हाबुहा बुषीहाउ वाति। दधायोन र्योषुअप्स्वन्त राचाइहाउ पाटीख्। हाबुहा बुषीहाउ वाति। सुषावसोम माकूद्री भिकारिहाउ पाटीख् ॥ ३१ ॥
हाबुहा बुषीहाउ वाति। पारी तोकिषिञ्च ताटिच्सू तंकाश्र वोटाच्बृहदु पाटीख्। हाबुहा बुषीहाउ वाति। सोमो याकिउक्त मंकिच्हाकविश्र वोटिच्बृहदु पाटीख्। हाबुहा बुषीहाउ वाति। दधन्वायोन र्योकूअ प्स्वटाच्न्ताकराश्र वोटिच्बृहदु पाटीख्। हाबुहा बुषीहाउ वाति। सूषा वाकिसोम माटिच्द्रीकभिश्र वोटिचबृहदु पाटीख् ॥ ३२ ॥
हाबुहा बुषीहाउ वाति। पारीतोषिञ्च ताकूचसूकतंसो मोकिच्य ऊकाक्ता मंकाहाविर्द धकीन्वायोन र्योटीच्अ प्स्वचान्ता राचासूषाव सोटीख्। हाबुहा बुषीहाउ वाति। एतच्मामा द्राटिइ भीःखा ॥ ३३ ॥
हाउ वोखिवाशहाउ वोखिवाशप्ल्हातओपवाप्लहाउ वाति। पारितोषिञ्च ताकूचसूकतं सो मोकिचय ऊकाक्ता मंकाहाविर्द धकीन्वायोन र्योटीअप्सन्ता राचीसूषाव सोचीम माखा। हाउ वोखिवाशहाउ वोखिवाशप्ल्हातओपवाप्लहाउ वाति। द्रातइ भीःटाख्। ॥ ३४ ॥
आखसोण। माकस्वा नोथाअद्राइ भाटीउ वोखावाश। तिरोवा राटीणिचअव्य याटिजा नाटाना पाटाउ वोखावाश। रिचामु वोटीर्वीचशाद्ध रीटिस्सा दाटाउ वोखावाशवा नाटाउ वोखावाश। षुदाद्ध्रि षाप्लीइश। होपइ ळाशा ॥ ३५ ॥
हावासोम स्वातु। नोअ द्राखिइ भिशास्तीरो वाखिराण। णि याताआउ वाटि। व्याखयाशजनो नाखिपूशरीचा मूखिवोःण। वि शाताआउ वाटि। र्द्धाखरिशस्सादा वाखिनेण। षु दाताआउ वाटि। ध्रिखषेश ॥ ३६ ॥
आसोमस्वा नोतुअद्रि भातिइःश। तीरोवा राषीणिया व्यायियाट। जनोन पूषीरिचा मूयिवोटर्वी शाकार्द्धायरीःट। स दाटाच्वानाइ षूटीदध्रि षोखिप्ल्इ ळाशा ॥ ३७ ॥
आसोमस्वा नोषुअद्रिभिस्ति रोफुवा राखाणीयव्य याप्ली। जनोन पुषीरिचम्वोर्वि शाकुर्द्धारी रौटिच्हूवा एटिहो वाचा। सादाव नेकीषू दौटाच्हूवा एटिहो वाचा। द्ध्रिषाऔ(टिहोखबाप्ल। होप्लइ ळाशा ॥ ३८ ॥
प्रसोम दाती। इवावी तखीयाणइश। सिकन्धुर्न पाकिइप्य यातिआउ वाटि। र्णाखसाशअंशोः पाखियाण। साकमदाइ रोकीन जाताआउ वाटि। ग्रखवीशराच्छा कोखिशणम् । म धाताआउ वाटि। श्चूचतशम् ॥ ३९ ॥
प्रसोमदेव वीफूत योखाहा इशा। सिन्धु र्न्नपिप्ये आफूर्णा सोखाहा इशा। आं शाटाउ वोखावाश। पा याटाउ वोखावाश। साफमदि रोणिन जाफाग्र वीखाहाणइश। आ च्छाटाउ वोखावाश। को शाटाउ वोखावाश। मधूश्चू ताप्ली। होप्लइ ळाशा ॥ ४० ॥
प्रासो मापिदेववीतया इशू। साइन्धूर्न्नापिप्य अर्णासाअंशोःप यषौसामदिरोन जौकूहोतहि म्माटा। ग्रटवीतराच्छाकोशंम धौकूहोतहि म्माटा। श्चूता मौपिहो बाप्ला। होप्लइ ळाशा ॥ ४१ ॥
प्रसोमदे वषुवीतयेसि न्धूफुर्न्न पाखाऔणहोफवाप्ल। प्येकअर्णा साटिच्हायउ वाटा। ऊखपाशअंशोःपयाऔहोवाहा इशृ। साकमदि रोकिनजा गृकिवि र्हायाउ वाटा। ऊखपाशअच्छाकोशंऔहोवाहा इशृ। मधू श्चूखितात्रम् । ऊख ॥ ४२ ॥
प्रसोमदाइ वातूवीत यातिइश। सिन्धू र्न्नपाइ प्येचूअथर्णा साटाइ हाता। आं शोःटापाखयाशहा होखाहाणइश। साकमदि रोकिन जाटागॄवीरि हाती। आ च्छाटाकोखशांशहा होखाहाणइश। मधू श्चूखितात्रम् । हेख ॥ ४३ ॥
हाबुसो माःती। उ ष्वाथाच्णस्सो तृयिभीःट। आधिष्णु भीकीराचवायइ नाटाम् । आ श्वाटाऔटहोतयेवहरिता याषूताइ धायिरा याटा। मन्द्रा याकियाखहाओ वाशि। तीधा राटियाख ॥ ४४ ॥
सोमउ ष्वाखीणस्सोतृ भाप्लीइःश। आधीष्णु भीकीराकवी नाथामाश्व येपिवाण। हारितायाति धायूरापयाश। मन्द्रा याखियाशताखइ धाणा। राया औटिहोखबाप्ल। होप्लइ ळाशा ॥ ४५ ॥
सोमउष्वा णषुस्सोतृभि रेतीअ धीता। ष्णुभि रातिआउ वाटि। वीखनाशम् । आटश्वातयेवहरिता याकूति धाताआउ वाटि। राखयाश। माटन्द्रातया याकाति धाताआउ वाटि। राखयाश ॥ ४६ ॥
सोमउष्वा णषुस्सोतृभि रेतीअ धीता। ष्णुभिर वीकीनामाश्व येकीवाहरिता याकुताइधार याकुमन्द्रायौ वाशु। तिखधाश। राया औटिहोखबाप्ल। होप्लइ ळाशा ॥ ४७ ॥
सोमउष्वाणस्सोतृभाइः रषैधिष्णुभिरवी नातूम् । आधिष्णुभिर वीषूनामाश्वयेवा हाकूरीताया तापीइ धाशा। र याताआउ वाटि। माखन्द्राशयाया तीखिधाण। रा याणाऔचहोकवाफ। होप्लइ ळाशा ॥ ४८ ॥
सोमउष्वा णषुस्सो तृचाभि रौटाहोतआपधिष्णुभीरवी नाशूम् । आकश्वयेवा हाकीरिता याथिच्तीकधारा यौकिवाउ वोप्लिवाश। माकन्द्रयाया तीपीधाशहिंच। राखयोप्ल। हा इशा ॥ ४९ ॥
तवाहं सोती। म राटाच्रा णाचार णाशा। सख्यइन्दोदि वाटूच्इशदि वाचाइदि वेशि। पूरूणिबभ्रो निषूचरन्ति माटीमा वाचाअ वाशा। पारीधींरति तंकूइ हाटाट्इ हाखाऔहो वाशि। ऊ उखापाश ॥ ५० ॥
तवात वाती। आहंसो मषीरारणसख्या इटून्दोतदिवा औभिहोतदाइ वेटि। पूरूणिबभ्रो निषूचरन्ति मायीमापवाश। परा औभिहोत। धाइंर तीकीतोपबाप्ल। आइ होप्लि। हा इशा ॥ ५१ ॥
तवाहंसो मातुरार णाति। सख्या इखिन्दोशदीवे दाखिइ वेणा। पुरूणिबभ्रो निषूचरन्ति माचिमा वापहाइपरिधाइं राश्रृ। तीततोपबाप्लआइ होप्लि। हा इशा ॥ ५२ ॥
तवाहंसोमरौ होतूर णाता। साचख्याइ न्दोटिदि वाखाणफप्लइश। दीखवेश। पू रूटाणाइ बाटिभ्रोनिच राटीन्ति माखाणफप्ल्। माखवाश। पा रीटाधाइं राटिति तंखाणफप्ल्। आखइ हिशा ॥ ५३ ॥
तवाहंसो मषीरारणसा ख्याफुइ न्दोखादिदेदिवा इशु। सखयइ न्दोकीदिवे दाटिइ वेता। पूरूणिबभ्रो निषूच रकान्तिमा माटिवात। पाराइ धाटीइं राता। ती तंटाआटइ हाखाण्इश। ओपइ ळाशा ॥ ५४ ॥
मृज्यमा नाःती। सुहस्ति यातीसा मूटाद्राखइ वाशाचमिन्व सातीइशरा यींटापाखइ शांशागम्बहु लांतीपू रूटास्पृखहणम् । पाव माचिना औपाहोश। भीकयोपबाप्लर्षा सोप्ला। हा इशा ॥ ५५ ॥
मृज्यमा नाःती। सूह स्ताचियाटस मुचाद्रे वाथाचा मियान्वा सापाइर याखिइंपि शांतिगम्बहु लकीम् पूचरूयस्पृ हाटाम् । पावा माटिट्नाखऔहो वाशि। भ्य र्षाटासीख ॥ ५६ ॥
मृज्यमा नाःती। सूचहस्ति याचिसायमूटच्द्रायइ वाटाच मीकान्वा साचाइश। रायइंटच्पायइ शांटागकम्बहु लंचिपूरू स्पृ हाचीम् । पायवाटच्मायनाटभाटयाखऔहो वाशि। र्षाखसिश ॥ ५७ ॥
मृ ज्याताएत। मानस्सुहस्ति याषूऔटहोत। सामुद्रेवाच मिकून्वसा औभिहोत। रायिंपि शंकीगंकबहु लंकिपूरूस्पृहा औभुहोत। पाव माटिनात। भीकयोपबाप्लर्षा सोप्ला। हा इशा ॥ ५८ ॥
मृज्यमा नषीस्सुहस्तेया वातूहातइश। सामुद्रा इषीवाच मिटिन्वाखसीण। रा याखाइंपि शांतिगंकबहु लंकिपू रूयास्पृ हापापा वाखामा नाता। भीकयोपबाप्लर्षा सोप्ला। हा इशा ॥ ५९ ॥
मृज्यमा नाफीस्सु हशास्ति याका। स मूटाद्रे वाटाच माटाइन्वा सीटि। रायिंपि शांकीगम्बहु लंकीपूरूस्पृहा औभुहोत। पाव माटिनात। भीकयोपबाप्लर्षा सोप्ला। हा इशा ॥ ६० ॥
मृज्यमानस्सु हातू। स्ति याटास मूटाच्होयद्रे वाटाहो चाथामिन्वा साचिइश। र याटाच्होयइंपी शाटिहो गंथाबहुलां पूकीरूस्पृ हाचिम् । प वाटाच्होयमा नाटाहो भीथाअर्षा साकिआउ वाटि। वाकजीजी गीकिवातच् ॥ ६१ ॥
मृज्यमानस्सु हषूस्त्यासमुद्रे वोतुवात। चामिन्व सीकीरायिंपि शाटीहाटहातहातङ्गम्बहु लंकीपूरूस्पृ हकीच्म् । पा वाकामा नाटाहातहातइश। भ्य र्षाटासाखण्इश। ओपइ ळाशा ॥ ६२ ॥
हातहाअ भीकिसो माथाच्सा आकायायवाःट। हातहाइपवन्ते माचूदी याकाम्मायदांट। हातहाइसमुद्र स्याषूधिविष्ट पेचीमाकच्नाकइ षायाइ णाःटा। हातहाइम त्साकीरा सोथाच्मा दाकाच्यूयताःट। हातहाखण्इश। ओपइ ळाशा ॥ ६३ ॥
आभि सोकिमाखसआय वाःकी। पव न्तेकिमद्यम्मदामा औटूहोतआ औटाहोत। सामुद्र स्याकीधिविष्ट पेकीमणीषिणा औभुहोतआ औटाहोत। माथत्सारा सोकिमदच्युता औभुहोतआ औटाहोखण्। ओपइ ळाशा ॥ ६४ ॥
अभिसो माती। स याताआउ वाटि। याखवाःपवन्ताइ माशू। दी याताआउ वाटि। माखदंसामूद्रा स्याशू। धिविष्ट पेकीम नाकाआउ वाटिएभ। षीखणोमात्सारा साःशु। म दाताआउ वाटि। च्यूखताःप्ल ॥ ६५ ॥
अभिसोमा सषुआ होताय वाःता। पव न्तेकिमद्यम्म दंषीपवन्तेमदि यांटूच्होयइ माटादातम् । सामुद्र स्याकीधिशविष्टपेम नीकुच्षि णोकाम नाटाच्होयषाटइ णाःता। माथत्साशरासोमद च्युकुतोशम दाटाच्होयच्यूटताःखण्। ओपइ ळाशा ॥ ६६ ॥
औहोवाअभिसोमा सषृआयवऔ होतुवात। प वाटान्ते माखावात्र। द्यकम्मदंस मूटीद्र स्याखावात्र। धीचविष्टपेम नीकुच्षि णाकऔटच्होयइम त्साटिरा सोखावात्र। म दाताच्यू ताःटाख् ॥ ६७ ॥
अभिसोमा सषुआ यातावाःत। प वाटान्ते माखावात्र। द्यकम्मदंस मूटीद्र स्याखावात्र। धिवि ष्टाकिपेमनीषी णोकुम त्साटारा सोखावात्र। म दाताच्यू ताःटाख् ॥ ६८ ॥
अभिसोमा सषुआ यातावाःत। प वकान्ताइमादि यटुम्माखदणम् । सामुद्र स्याकीधिविष्टपा इषुम नाटाइ षाखाइ णाःणा। मात्सा राकिसो माटाट्दाखऔहो वाशि। च्यूखताःप्ल ॥ ६९ ॥
अ भाटाइसो माखिऔ होखास आफाय वाःका। प वाटान्ते माखाऔ होखाद्यकम्म दकाम् । स मूटाद्र स्याखाऔ होखाधि विफाष्ट पाकाइश। ओइ माटिट्नाखऔहो वाशि। षीखणाःप्ल। ऊखपाशप्ल्ऊखपाण। मात्सा राकिसो माटाट्दाखऔहो वाशि। च्यूखताःप्ल ॥ ७० ॥
पुनानसोम जाषूजागृविर व्याःती। वारैःपा रीयीप्री याःटा। त्वंविप्रोअभ वोषूगाइ रापिस्त माःता। मा ध्वाकाच्य ज्ञाकाम्माटट्इ माखाऔहो वाशि। क्षाखणाःप्ल ॥ ७१ ॥
पवमा नषीअसृक्षतप वातूइश। त्रामतिधारयामरूत्व न्तोषेमत्सराइ न्द्रीटुयातचहाया माटिइ धाताम् । अभाइ प्राटीट्याखऔहो वाशि। सीखचाश ॥ ७२ ॥
पवस्ववाज साषूइ हाता। ताखमाःप्ल। आभिवि श्वाकीच्नीकनवार्यास्त्वं साटीट्मूखऔहो वाशि। द्राःप्र थाकिमेचवीध र्मथिन्दाइवाइ भ्याटुट्स्सोखऔहो वाशि। ममत्स राःतीच् ॥ ७३ ॥
इन्द्राया पाती। वा ताटाइमा दाःटि। सोमोमरुत्व ताटूइसू ताःटि। साहस्रधा रोषुअत्यव्य माटुर्षा तीटा। त माटाइमा र्जाटिच्न्तीकया याटावाःखण्। ओपइ ळाप्ला ॥ ७४ ॥
इन्दराय पाती। व तेकाम दाचास्सो मोथामा रूटाच्त्वाकते होटाइसू ताःटि। साह स्राधा रोषुअत्यव्यमार्षा ताटूउ वोखावाश। ऊखपाश। तामी होटिइमा र्जाटिच्न्तिकया याटावाःखण्। ओपइ ळाशा ॥ ७५ ॥
इन्द्राया पाखीवाताइमा दाःप्लु। सोमोमरूत्व ताटूइ सूखाताःण। साहस्र धाकीरोशअत्यव्य माटीर्षाखतीण। तमा औकिहोइ माखिर्जांणताटट्याखऔहो वाशि। याखवाःप्ल ॥ ७६ ॥
षष्ठ खण्डः
ओ ईचाप्रा तूफाइ हाताओद्रवापारी कोकूशान्नी षीखिदाश। ओ ईचानृ भीफारि हाकाओपुना नोकीआभी वाकिज माखार्षश। ओ आचाश्वाफइ हाताओनत्वा वाटीजीन म्माकिर्ज याखान्ता इशा। ओ आचाच्छाफइ हाताओ बकार्हाइ राकिशना भापिइर्न्ना याखि। न्तात्रइश ॥ १ ॥
हा ओकाहाफउहुवा ओखिहाण। प्रातुद्र वाषीपारी कोकिशान्नि षीखिदाश। नृभिःपुना नोटुआभी वाकिज माखार्षाश। अश्वन्नत्वा वाटुजीन म्माकिर्ज याखान्ता इशा। हा ओकाहाफउहुवा ओखिहाण। अच्छा बकिर्हाइ राकिशना भापिइर्न्ना याखि। न्तात्रइश ॥ २ ॥
प्रा तूता। द्रावापरि कोषुशान्नि षीटिदाथ। नृभिःपुना नोटुआभी वाकिज माखार्षाण। अश्वन्न त्वाषीवाजिनम्मार्ज याटून्तातइश। अच्छा बकिर्हाइ राकिशना भापिइर्न्ना याखि। न्तात्रइश ॥ ३ ॥
प्र त्वेकाप्र तुता। द्रावाद्र वाषीपारी कोकिशान्नी षीखिदाश। नृभि रेतिनृ भीःवतापूनापुना नोटुआभी वाकिज माखार्षाश। अश्व मेतिअ श्वाताम् । नत्वानत्वा वाटुजीन म्माकिर्ज याखान्ता इशा। अच्छ येतिअ च्छाता। बर्हा बकिर्हाइ राकिशना भापिभाइर्न्ना याखि। न्तात्रइश ॥ ४ ॥
प्रतू द्राति। वापरि कोषीशान्नी षीटूदातसाइ दाकि। श बु होकाच्औकहो वाका। नृभिःपुना नोषुअभीवाज माटुर्षातआ र्षाकाबु होकाच्औकहो वाका। अश्वन्नत्वा वाषुजिनम्मार्ज याटुन्तातइशय न्ताकाबु होकाच्औकहो वाका। अच्छा बकिर्हाइ राकिशना भिटिर्न्ना याकाएखहिया हाप्लिउ वाशा। न्ताखइश ॥ ५ ॥
प्राकका व्याटाच्मूशने वाभीब्रू वाटाणाःत। देवोदे वाटीनान्जनि माटीच्वि वाटाक्तीत। माहिव्रा ताटीच्श्शुछीबा न्धूःभीपा वाटाकाःत। पादावा राटीहोअभि याटीइति राखिऔहो वाशि। भाखन् ॥ ६ ॥
प्रका व्याटिच्मूशने वाभीब्रूवा णाःटि। देवो दे वाटीनान्जनि माटीच्विवा क्तिटि। माहिव्रा ताटीश्शुचिबा न्धूःभीपावा काःटि। पादावा राटीहोटभि याखाऔहो वाशि। ती रेटाभाखन् ॥ ७ ॥
प्रकाव्यामुश नेचूवा ब्रूशावा णोकादेखवोश। देवा नाचिन्ज निचामाकवीवा क्तिकिमाखहीश। वृतश्शुचीब न्धूःथूपवा काःकिपाखदाश। वरा होचिअ भ्येकाति राटाहाउ वाति। भाखन् । ॥ ८ ॥
हाबु हातिबू हूचाप्राक व्याकिमूशने वाकीब्रु वाखाणाःप्ल। देकवोदेवा नाटीन्जनी माकिवि वाखाक्तिश। माहिव्रा ताकीश्शुचिबा न्धूःकीपा वाखाकाःप्ल। हाबु हातिबू हूचा। पाचदाकवरा होटिअभि यापिइति राखिइश। भात्रन् ॥ ९ ॥
हो येटाहो वाटाहातहोतइशतिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥ १० ॥
होइ याटिहोचइशतिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥ ११ ॥
हाकहोइ याटिहोकच्इशतिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥ १२ ॥
होइया ईकीहोइया औटीहोइ याकिच्तिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥ १३ ॥
होइहा ईकीहोइहा औटीहोइ हाकिच्तिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥ १४ ॥
ई होचाई हाफाइहोइ हातीहो वाकाच्हो इफहाण। तिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥ १५ ॥
इहाउ वाटीइखहाइ हाप्लिङ्तिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥ १६ ॥
इ हाकाउ वाताइहाउ वाटीइ हाकाउ वात्रईखहा ईप्लाहाङ। तिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥ १७ ॥
ईखहाहा ईप्लहाङतिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥ १८ ॥
ओ औकाहोखऔ होफावातहातच्। तिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचइश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥ १९ ॥
ओऔ होटिच्औकहोखऔ होफाऔ होफावातहातहातचइशतिस्रोवाचा ईटुरा याकातिप्र वाखिन्हीःप्ल। ओ हाणाफ्होखहाओ हाशि। ऋतस्यधाइ तींटूब्राह्मा णोकिमा नीखाषाशम् । आ हाकाहोइ आकिहा हाकाच्हाकहोचण इश। गाकवोयन्ताइ गोटुपाति म्पाकिर्च्छा माखानाःप्ल। इ हाकाहोइ ईकिहा हाकाच्हाकहोचइश। सोकमय्यन्ताइ माकुतयो वापिवा शाखा। नाःत्र ॥ २० ॥
अ स्याखाऔकहो वाथा। प्रेषा हेटिमाना पूकिय माखानाःप्ल। दे वोखाऔकहो वाथा। देवाइ भीटीस्सामा पृकिक्त राखासशम् । सु ताखाऔकहो वाथा। पवाइ त्रांटीपारी येकिति रेखाभशन् । मि ताखाऔकहो वाथा। वसा द्माभिपाशु मकिन्ति होखाताश। पशु मापिन्ति होखा। तात्र ॥ २१ ॥
उहुवाय स्याखुऔकहो वाथा। प्रेषा हेटिमाना पूकिय माखानाःप्ल। उहुवादे वोखुऔकहो वाथा। देवाइ भीटीस्सामा पृकिक्त राखासशम् । उहुवासु ताखुऔकहो वाथा। पवाइ त्रांटीपारी येकिति रेखाभशन् । उहुवामि ताखुऔकहो वाथा। वसा द्माभिपाशु मकिन्ति होखाताश। पशु मापिन्ति होखा। तात्र ॥ २२ ॥
हाउहुवाय स्याखुऔकहो वाथा। प्रेषा हेटिमाना पूकिय माखानाःप्ल। हाउहुवादे वोखूऔकहो वाथादेवाइ भीटीस्सामा पृकिक्त राखासशम् । हाउहुवासु ताखूऔकहो वाथा। पवाइ त्रांटीपारी येकिति रेखाभशन् । हाउहुवामि ताखूऔकहो वाथा। वसा द्माभिपाशु मकिन्ति होखाताश। पशु मापिन्ति होखा। तात्र ॥ २३ ॥
हायौहोवाय स्याखूऔकहो वाथा। प्रेषा हेटिमाना पूकिय माखानाःप्ल। हायौहोवा इषुदे वोखाऔकहो वाथा। देवाइ भीटीस्सामा पृकिक्त राखासशम् । हायौहोवा इषुसु ताखाऔकहो वाथा। पवाइ त्रांटीपारी येकिति रेखाभशन् । हायौहोवा इषुमि ताखाऔकहो वाथा। वसा द्माभिपाशु मकिन्ति होखाताश। पशु मापिन्ति होखा। तात्र ॥ २४ ॥
हाहायौहो वाषुय स्याखाऔकहो वाथा। प्रेषा हेटिमाना पूकिय माखानाःप्ल। हाहायौहोवा इषूदे वोखाऔकहो वाथा। देवाइ भीटीस्सामा पृकिक्त राखासशम् । हाहायौहोवा इषूसु ताखाऔकहो वाथा। पवाइ त्रांटीपारी येकिति रेखाभशन् । हाहायौहोवा इषूमि ताखाऔकहो वाथा। वसा द्माभिपाशु मकिन्ति होखाताश। पशु मापिन्ति होखा। तात्र ॥ २५ ॥
औटहोकव हाथाहो ईटाहाकथ्। अस्यप्रेषा हेटुमाना पूकिय माखानाःप्ल। देवोदेवाइ भीटूस्सामा पृकिक्त राखासशम् । सूतःपवाइ त्रांटूपारी येकिती रेखाभशन् । औटहोकव हाथाहो ईटाहाकथ्। मीतेवसा द्माटुपाशू मापिन्ति होखा। तात्र ॥ २६ ॥
होहोअ क्राटीन्साचमु द्राःचाप्रथा मेचिविध र्म्माशिन् । होहो इकिजन यकिन्प्रा जाकाभुवनस्य गोकुपाःच। होहोइवृ षाटुच्पावि त्रेटिच्आधिसा नोभिअ व्याचाइश। होहो इकिबृहत्सोमो वाटुवृकधे स्वाथानोअ द्राटियौटहो वाताहाउ वाति। एतच्स्वाकनोअ द्रीःटिख् ॥ २७ ॥
का नीता। क्र न्तीटाक्र न्तीटाह रीकाराथसृज्य माटिना साखाइ दणान् । वा नाटावा नाटास्यजठ रेकीपू नाटानो नृखाभीःण। या ताटाया ताःटाकृ णूकाते निथार्न्नि जांटागा माखाताःण। मा तिटाम्मा तिटान्ज नकायता स्वाटिधाखऔहो वाशि। भीःख ॥ २८ ॥
कनिक्रन्ती हाफूहोतइहरिरा सृफुज्य माखानाःप्ल। हातहोइसीदन्वन स्यषूजठ रेकिपू नाटानाःत। हातहोइनृभिर्य तःषूकृणु तेकिनिर्न्नि जाटिङ्गात। हातहोअतोमता इषूजनयता स्वाटुट्धाखऔहो वाशि। भीःख ॥ २९ ॥
एषाए षाःती। स्य ताताओपइमधूमंइ न्द्रषूसोमोवृषावृ षातूएत। वृ ष्णाताओःपपरिपवि त्रेषुअक्षास्सहासा हातूएत। स्र दाताओपश्शतदाभू रिषुदावाशश्वच्छ श्वातूदेत। त माताओंपबर्हिरावा ज्येषुहिया हाप्लिउ वाशा। स्थाखत् ॥ ३० ॥
हा ओखाहाण। इ हाताओचपाकवस्वसो माटीमाधू मंकिॠ ताखावाश। आपोवसा नोटुआधी साकिनोखअव्या इशि। आवद्रोणा नीटुघार्क्ता वकिन्ती रोखाहाश। हा ओखाहाण। इ हाताओचमकदिन्तमो माटीत्सर यापिइन्द्रा पाखि। नाःत्र ॥ ३१ ॥
सोमःपव तेचुजनि ताकिच्मा ताकाइ नाटाम् । जनि तातिदी वोचाजनी ताकिच्पृ थाकाइ व्याःटा। जनिता ग्नेषीर्जनिता सूकीरी याटायातस्या । जनि तेकिन्द्रा स्याटाजनि तोपिता वाखाइश। ष्णोःत्र ॥ ३२ ॥
सोमःपव तेषुजनिता एतीऔ होखावात्र। मा तापइशनात्रम् । जनि ताकिदी वोकाजनी ताकिप्रथि व्याःचि। ज नाटाइ ताखाग्नेःण। जनिता सूखीरी याखास्यात्र। जनि तेकिन्द्रास्यजनि तोकुतवि ष्णोःटिख् ॥ ३३ ॥
हाबुजनद्धाबुजनद्धाबुज नषोज्जनद्धाबुजन द्धाबुजन द्धातोबुशहोइजनद्धो इषूजनद्धोइज नाचूत् । सोकमःपवा तेटीजानी तोकिम तीखानाशम् । जनि ताकिदाइ वोटिजानी ताकिपृ थीखाव्याःप्ल। जनि ताकिग्नाइ र्जकिनिता सूकिर्याखस्याश। हाबुजनद्धाबुजनद्धाबुज नषोज्जनद्धाबुजनद्धाबुजन द्धातोबुश। होइजनद्धो इषूजनद्धोइज नाचूत् । जनि तेकिन्द्रा स्याटाजानी तोपिता वाखाइश। ष्णोःत्र ॥ ३४ ॥
जनद्धाबुजनद्धाबुजनद्धा बुषौजनदाबुजनदाबु जन दातोबुशजनद्धोइज नषूद्धोइजन द्धोचुइश। सोकमःपवा तेटीजानी ताकिम तीखानाशम् । जनि ताकिदाइ वोटिजानी ताकिपृ थीखाव्याःप्ल। जनि ताकिग्नाइ र्जकिनिता सूकिर्याखस्याश। जनद्धाबुजनद्धाबुजनद्धा बुषौजनदाबुजनदाबुजन दातोबुश। जनद्धोइज नषूद्धोइजन द्धोचुइश। जनि तेकिन्द्रा स्याटाजानी तोपिता वाखाइश। ष्णोःत्र ॥ ३५ ॥
ओकहा ओटाहाकओ हाटाइ याटाओटहातएत। आभित्रिप्रा ष्ठांटुवार्षा णंकिव योखाधाशम् । अचङ्गोषी णाकिमाकवावा शकिन्त वाखाणीःप्ल। वानावसा नोटुवारू णोकिन सीखान्धूःप्ल। ओकहा ओटाहाकओ हाटाइ याटाओटहातएत। वीरत्न धाकीदयते वापीरी याखा। णात्रइश ॥ ३६ ॥
सप्तम खण्डः
होखवाशउहुवा होखिवाण। प्रासे नाकिनाइश्शू रोटिअग्राइर थाखुनाशम् । गव्य न्नेकिताइहर्षा तेटुआस्य सेखिनाश। भाद्रा न्कृकिण्वन्निन्द्रा हाकीवान्सा खीखिभ्याःप्ल। आसो मोकिवा स्त्राटारभ साकिनि दाखाक्तात्रइश। होखवाशउहुवा होखीवा हाप्लाबुश। बाश ॥ १ ॥
औ होफाओतवात। प्रासे नाकिनाइश्शू रोटीअग्राइर थाखुनाशम । गव्य न्नेकिताइहर्षा तेटुआस्य सेखिनाश। भाद्रा न्कृकिण्वन्निन्दरा हाकीवान्सा खीखिभ्याःप्ल। औ होफाओतवात। आसो मोकिवा स्त्राटारभ सापिनि दाखा। क्तात्रइश ॥ २ ॥
ओ होफाओतवात। प्राकसे नाथानाइश्शू रोटीअग्राइरा थाखुनाशम । गकव्य न्नेथाताइहर्षा तेटुआस्य सेखिनाश। भाकद्रा न्कृथाण्वन्निन्द्रा हाटीवान्सा खीखिभ्याःप्ल। ओ होफाओतवात। आकसो मोथावा स्त्राटारभ सापिनि दाखाणफप्ल। क्ताखइश ॥ ३ ॥
हाबु होतिहा इशाप्रतेधारा माभुधूचमाकताइरसृ ग्राटुन् । हाबु होतिहाइवा रंषीयत्पूतोआ तीचुयाइषीया व्याटुम । हाबु होतिहा इशापवमान पाचुव सेकाधामगो नाटीम् । हाबु होतिहा इशाजनयन्सू र्याचुमाकपाइन्वोअर्का इःटू। हाबु होखिहाप्लबुश। बाश ॥ ४ ॥
प्रागाय ताटीभ्या र्च्चाकाम देखावाशन् । सोकमंहिनो ताटीमाहा तेकिध नाखायाश। स्वाकदुःपवा ताटीमाती वाकिर माखाव्यशम् । आकसीद तूकिकालशा न्दापीइवा याखिइश। न्दूःत्र ॥ ५ ॥
हाबु होतिहा इशाप्रहिन्वा नोषीजनिता रोखीद सीखायोःप्ल। हाबु होतिहा इशारथोनवा जंषुसनि षाखिन्न याखासीशत् । हाबु होतिहा इशाइन्द्रङ्ग च्छषीन्नायुधा सांखीशि शाखानाःप्ल। हाबु होतिहा इशाविश्वाव सुषीह स्तयो राखीद धाखानाःप्ल। द धाखानाप्लबुश। बाश ॥ ६ ॥
ता क्षाफाद्या दीफाहोफइम नाणिसावेन तोफीवाफक् । ज्ये ष्ठाफास्या धाफाहोफर्म्मणद्युक्षोर नीफीकाफइश। आ दीफामा याफान्होफइव राणिमावाव शाफीनाःफ। जू ष्टंफापा तींफाहोफइङ्कलशे गाप्लुवइन्दा बुशी। बाश ॥ ७ ॥
तक्षाद्या दाकीओपइम नाणिसावेन तोफीवातक् । ज्येष्ठास्या धाकीओपर्म्मणद्युक्षोर नीफीकातइश। आकदाइमा याकीओपन्व राणामावाव शाफीनाःत। जुष्टम्पा ताकीओपइङ्कलशे गाप्लुवइन्दा बुशी। बाश ॥ ८ ॥
सा काताम् । उ क्षोषामर्जयन्त स्वाकुसाटराःत। दा शाटाधीरस्यधीत योकूधा नूटात्रीःत। हा रीटापर्यद्रव ज्जाकुस्सू र्याटास्यात। द्रो णाटाच्न्नाकनक्षेअत्येन वाटूहाउ वाति। जीख ॥ ९ ॥
साकमु क्षातीएत। एतएपमर्जयन्त स्वाषुसारोदशधी रातूएत। एतएपस्यधीत योषीधनुत्रिर्हरिःप र्यातूएत। एतएपद्रवज्जस्सूर्य स्यषूद्रोणन्न नातीएत। एतएपक्षेअत्येनवा हाप्लूउ वाशा। जीख ॥ १० ॥
इ न्दूथार्वा जीटाच्पावतेगोन्यो घाकूच्इकन्द्राइ स्सोटिमाःत। सहइ न्वषीन्मदा याकिच्हकन्ताइ राटिक्षाःत। बाध तेषिपरियरा तिंकुच्वाकराइपाः कृती। ण्वाथन्वृज नाटिस्या रापाजौवाउवो वाप्लु। होप्लइ ळाशा ॥ ११ ॥
इन्दुर्वाजी पषुवतौहोऔहो वातूहातइश। गोन्यो घौकिवाउ वोखिवाश। इ न्द्रेकास्सोमस्सा हाकीइन्वन्मदा यौकुवाउ वोखिवाश। हकन्तीरक्षोबाध तेटूच्परियरा तौकुवाउ वोखिवाश। वरिवः कृकीण्वन्वृज नाटीस्या रापाजौवाउवो वाप्लु। होप्लइ ळाशा ॥ १२ ॥
इन्दुर्वा जीषीपवतेगो न्योतुघाःत। इन्द्रेस्सो मषीस्सहइन्वन्म दातूयाश। हन्तिर क्षोषुबाधतेपर्य रातूतिशम् । वरिवः कृ ण्वषुन्वृजनस्य रातुजारा जाखिऔहो वाशि। एतस्या राटाजाख ॥ १३ ॥
इन्दुरौहो वाषुहा ईतायात। वाजाउ वातीहाउ वाति। प वाकाते गोथान्यो घाकाउ वाताहाउ वाति। इकन्द्राइसो माकीस्सहइ न्वकीन् । उ वाताहाउ वाति। माटट्दाखऔहो वाशि। याखहकन्ताचइश। रक्षो बाथिधाताइ पाकीउ वाताहाउ वाति। री याटाट्राखऔहो वाशि। तीखम् । वा राचाइवः कृकिण्वन्वृजा नाकीउ वाताहाउ वाति। स्याटट्राखऔहो वाशि। जाख ॥ १४ ॥
अधीय दाती। स्माइ न्वाटिजि नीकाच्वाशु भाःचि। स्पाकर्ध न्तेथाच्धीया स्सूकिराखईनवि शाःशी। आपोपृणा नःषुपवताइक वीटूयाकथ्न्व्राजन्नपा शुटुवार्ध नापिया माखा। न्मात्र ॥ १५ ॥
महत्तत्सो मोषुमहि षाचिश्चाका राटि। अ पांतायत्ग र्भोचिवृ णीकाच्ता दाकाई वाटान् । आद धातिदि न्द्रेकापव माचिना ओकाजोटअज नाकिय त्सूकार्येटज्योकति रिटान्दाकउ वाता। एतअज नाकियत्सू र्येकिज्योतिरि न्दूःखी ॥ १६ ॥
अपामीवेदू र्मषूयस्तौहोऔहो वातूहातइश। तुरा णाखिहाशप्ल्हातहातइश। प्राम नीचिषा ईपारते सोणिमाफमा च्छाफाप्लहातइश। नामस्यन्ता इषुरूप चाटिय न्तीकासफञ्चातहातहातआकचविशन्तुशा तीचूरूकशफन्तांतहातहाखऔहो वाशि। वातहाःटख् ॥ १७ ॥
औहोहाअ योतुहातइश। पावापवस्वै नाकुवा सूटानीतऔटहोचइ हाकाईटयात। माकथ्श्चत्वइ न्दोषीसर सीकिप्र धाटान्वातन्वा औटहोचइ हाकाईटयात। बृध्नश्चिद्य स्यषुवा तोकाना जूटातींतऔटहोचइ हाकाईटयात। पु रूषामेधश्चिक्तक वेकूना राटान्धातत् । औटहोचइ हाकाईटट्याखऔहो वाशि। एतदीदि हीतिच् ॥ १८ ॥
अ योताहाइप वोतीहातइश। पावस्वै नातीवा सूटानीतइ होकाइ हाकाईटयात। मांश्चत्वइ न्दोषुसर सीकिप्र धाटान्वातइ होकाइ हाकाईटयात। बृध्नश्चिद्य स्यषुवा तोकान जूटातींतइ होकाइ हाकाईटयात। पुरू मेषिधश्चिक्तक वेकुना राटान्धातत् । इ होकाइ हाकाईटट्याखऔहो वाशि। एतदीदि याटिख् ॥ १९ ॥
हाउ वोखिवाशहाउ वोखिवाशहातओपवाशहाउ वाति। आ याचापा वाचापव स्वैकिनाव सूकिनी होकाच्इकहि याटाई होटाइ हाटाख। मांकथ्श्चत्वई न्दोकीसरसिप्रध न्वाकूइ होचाइहि याटिइ होटाइ हाखा। बृ ध्नाचाश्चि द्याचास्यवा तोकिनजूतिमि होकुच्इहि याटिइ होटाइ हाखा। हाउ वोखिवाशहाउ वोखिवाशहातओपवाप्लहाउ वाति। पूरू मेकिधश्चिक्तक वेकुनरा न्धाकिदि होकाच्इहि याटिइ होटाइ हाखा ॥ २० ॥
असा औभिहोत। जीकवा क्वाटारथ्याइ यापीथाश। जाखबुश। धिया औभिहोत। मानो ताटिच्प्राकधमा मापिनीशषाख। दशा औभिहोत। स्वासा रोटिच्धिसा नोपिआश। व्याखइश। मृजा औभिहोत। न्तिवा न्हींटिच्साकदनाइ षूपीवच्छा बुशि। बाख ॥ २१ ॥
अष्टम खण्डः
पुरोजि तीती। वोअ न्धाखिसाःण। सूताय माटीद याताआउवा एभि। त्नाखवेश। आपश्वा नंटीश्न थाताआउवा एभि। ष्टाखनाश। साखायो दीटीर्घ जाताआउ वाटि। ह्वीखयशम् ॥ १ ॥
पूरोजि तीती। वोतआ न्धापासाःश। सू ताकाच्याकमाटऊटहो वाथाऊट। दातयाइ त्नापिवेश। आचप श्वाथानाटऊटहो वाथाऊट। श्नातथाइ ष्टापिनाश। साचखा योथादाटऊटहो वाथाऊट। र्घाटट्जाखऔहो वाशि। एतह्वी याटाख्म् ॥ २ ॥
पुरो हातिहाबु जाखिइ तीणा। वोतआ औकाहोअ न्धाखिसाःण। सू ताचाऔकहोखयामाहाओ वाशु। दाचइत्ना वाकिऊकपाख। आपश्वानंश्न थायूइ ष्ठापानाश। सा खाचाऔकहोखयोदाहाओ वाशु। र्घाकजिह्व्य मूटिपाख ॥ ३ ॥
पुरोजिती वोषुअन्धसउ वातुहातइश। सूतायमा दषुइत्नवउ वाटूहोचआपश्वा नंषीश्नथिष्ठनउ वाटूहोचइश। साचखा योथादाइ र्घाकिजि ह्वाखायात्रम् । सूवृक्ति भीकीच्न्नृकमादनंभ रेटुषु वाताच् ॥ ४ ॥
पू रोचाजीयतीपवोप्लअन्धास एखीहि याणा। सूतायमा दाकुइत्न वाटिएहि याटि। आप श्वाकिनं श्नापाथीशष्टातनात। ऐकहाटएहि याटि। स खाकायोदाइ र्घापीजीशह्वाखयाप्लम् । हा इशा ॥ ५ ॥
पुरोजि तीषीवयाओ न्धातूसाःत। सूतायमा दापुयाशहि माटाट्। त्न वेटाच्आपश्वा नंकीश्नधिष्ट नाती। सा खापाउ वाशा। योटदी र्घाटाजीतह्वीकया औटाहोखबाप्ल। होप्लइ ळाशा ॥ ६ ॥
अ यंकापूषौहोइ राकुयिर्भ गाःचि। सोमःपु नातीनो आटार्षाख। तात्रइश। पा तिकार्विश्वौहो स्याकीभूचम नाःशा। व्यख्य द्रोतिदा सीटाऊख। भात्रइश ॥ ७ ॥
अयंपू षाषीअयंपू षातू। राकयिर्भ गाचिस्सो माःथापू नाटानोकअथर्ष ताचाइश। पाति र्वाचिइ श्वाटाओस्या भूयिमा नाःटा। ओइव्य ख्याटीद्रोत। दा सीकाऊभाइ ळाटीभाखण्। ओपइ ळाशा ॥ ८ ॥
आ यंचापूकषाफप्ल्होइर यिखीर्भगा एप्लि। सोतमःपु नाटिन याखाणफप्ल। र्षाखतिश। पाति र्विचिश्वस्यभूम नाःटुख। व्य ख्याटाद्रोत। दासी उटिभाखण्इश। ओपइ ळाशा ॥ ९ ॥
आ हाथाआपवाण। री याकाताकयधृष्ण वेटीध नूकाओपवाण। ष्ट न्वकाच्न्तीपौं स्यंकिशु क्राताओपवाण। वियन्त्यसु राटुय निचार्न्नि जेटावि पांताओपवाण। अ ग्रेचाम हीटायु वाःटाख् ॥ १० ॥
हातहातआहर्या ताकीयाखधृशप्ल्हातहाखऔहो वाशि। ष्णाखवेश। हातहातइधानुष्टा न्वकुन्तीखपौःशप्ल्हातहाखऔहो वाशि। सीखयशम् । हातहातइशुक्रावि यकुन्तायसु राटीयाखनीशप्ल्हातहाखऔहो वाशि। र्न्नीखजेश। हातहातइवी पाकिमा ग्राटाइ माखाहीशप्ल्हातहाखऔहो वाशि। यूखवाःप्ल ॥ ११ ॥
आहर्यता यषुधृष्णवा यातु। धा नूचाष्टायन्वाटती पाकापुं सायायांट। शुक्रावि यकीन्तायसु राकीया नीकार्न्नाखइ जाणाइश। वी पाचामायग्राटइश। ओइ मापिहीशयूखवोप्ल। हा इशा ॥ १२ ॥
आफह रीणाया ताप्लाया धृफाष्णा वेखाधनूष्ट न्वाशीन् । ति पातापुं स्यंथाशुक्रावि यकीन्तायसु राकीयनाउ वाशी। र्न्नीखजेश। वाइ वांटिहातआ ग्रेटाहातइश। मा हीचायूटवाःखण्। ओपइ ळाशा ॥ १३ ॥
परित्यंहर्य तंचूह रिंकापापरित्यंऔ होप्लीर्यतंह राङीइशम् । बभ्रंपुनन्ति वाकूरेथच्णा बापाअभ्रंपुनौ हौप्लन्तीवा रेङिणाश। योदेवान्वि श्वंषुइ त्पाचारीकयोपदेवान्वौ होप्लीइश्वंइत्प राङुइश। मदे नषिसहग च्छाचीतीकमापदेनसौ होप्लीहगच्छा तोप्ली। हा इशा ॥ १४ ॥
सुतासो माती। धू माताक्त माःतासोमा इकिन्द्रातय माताएतन्दि नातायाख। प वाचाइश। त्र वातान्त याताएतक्ष रकान्नाखदाइ वाचिन् । ग च्छातान्तु वाताएतम दातायाख ॥ १५ ॥
सुतासो मषीधुमक्त माःती। सो माटाइ न्द्राटाय माखाणफप्ल्। न्दीखनाःप्ल। पावित्र वाटीन्तोअक्षरन्दे वातून् । ग च्छाचान्तुवो माटिदाःखण्। ओपइ ळाशा ॥ १६ ॥
सुतासो माखाधूमाक्ता माःप्ली। सोकमाइन्द्राय मकुन्दी नाःकापा वाटाउ वोखावाश। त्रवन्तोअक्ष रषून्दे वातान् । ग च्छाचान्तुवो माटिदाःखण्। ओपइ ळाशा ॥ १७ ॥
सुतासोमधू मषूक्तमस्सोमाइ न्द्रातू। यमन्दीनाः पायुवीटच्त्रायवाटन्तोअक्षर न्दाकुइवान्ग च्छाकीउ वाशा। तूखवाःप्ल। मदा औटिहोखबाप्ल। होप्लइ ळाशा ॥ १८ ॥
सुतासो मषीधुमक्तमस्सो मातूहातबुश। इ न्द्राथायाचमायन्दि नाःटा। इ न्द्राथाहोय माटिन्दाखइ नाःणा। पावित्र वाकीन्तोटअक्षा राभिन् । त्र वाताहो न्तोटाअ क्षाखारणन् । देवान्ग च्छचीन्तुकवोयमा दाःटा। दे वाथान्होइग च्छोखीहाणइश। तूटट्वाखऔहो वाशि। म दातायाटख् ॥ १९ ॥
सुता सोषिमधुमक्त मातुएत। सोमाइ न्द्राचीयाकमायन्दि नाटादाइ नाःटि। पावित्र वाकीन्तोटअक्ष राटिन्क्षा राटा। देवान्ग च्छचीन्तुकवोयमा दाटामा दाःटा। दे वाथान्होइग च्छोपीहाणइश। तूटट्वाखऔहो वाशि। मा दाताईटख् ॥ २० ॥
सुतासो माटीहा धुचामक्ता माःटि। सोमाइ न्द्राटीहाय माचिन्दाइ नाःटि। पावित्र वाटीहाकन्तोथअक्षा राटिन् । न्देवान्ग च्छाटीहातन्तु वोप्लाहोपबाप्लमा दोप्ला। हा इशा ॥ २१ ॥
सू ताणासोचमाकफ्हातहा धूचामक्ता माःपि। सो माफाइ न्द्राफाप्ल्हातहाय मचिन्दाइ नाःपि। पा वीणात्रा वाफाप्ल्हातहातन्तोथअक्ष रापि। न्दे वाफान्ग च्छाफाप्ल्हातहातन्तू वोप्लाहोखबाप्लमा दोप्ला। हा इशा ॥ २२ ॥
हाबुसो माःती। प वकान्दाटइन्दा वाभिउ वाताहाउ वाति। अ स्माकाभ्य ङ्गाथातुविक्ता माभीउ वाताहाउ वाति। मि त्राकास्वा नाथाआटरेपा साभिउ वाताहाउ वाति। स्वाफधि यातास्सूपवाशर्वाखइ दोप्ला। हा इशा ॥ २३ ॥
सो माःफापवन्त ईखीन्द वाःशा। अस्माभ्य ङ्गाकीतुवि क्ताकिमाःख। माइ त्राटिउ वोखावाश। स्वाकनाअ रेकिप साःटाख्। स्वातच्धि याःचा। सूव र्वाटिइ दाःखाण्। ओपइ ळाशा ॥ २४ ॥
अभिनो वाती। जाटट्साखऔहो वाशि। ताखमशम् । रयि माटिर्ष शाकातस्पृ हाकिमिन्दोसहस्र भाटूहोर्ण साटिम् । तुविद्युम्नंवि भाटूहो एटा। सह मोखिइ ळाशा ॥ २५ ॥
अभिनो वाती। जासात मंकीरा यीचाम र्षाकाउ वाकाओटहातइश। शत स्पृचिहामि न्दोटिच्साकहाउ वाटिओटहातइश। स्रभर्ण सषीन्तुवाइ द्युटीट्म्नाखऔहो वाशि। वि भातासाटहाखम् ॥ २६ ॥
अ भीटाहोइ नोकिवाजा साशिहो ताखामशम् । र यिंटाहोकअचर्ष शाखाताशहो स्पृखाहशम् । इ न्दोटाहोचइशसह स्राखिभाशहो र्णाखासशम् । तु वाटाहोइ द्युकिम्नंविभाहो साखु। हात्रम् ॥ २७ ॥
आभिनो वाकीओपज साप्लात माताम् । रायिम र्षाकीओपश ताप्लास्पृ हाताम् । इकन्दोस हाकिओपस्र भाप्लार्ण साताम् । तूवाइद्यु म्नाकुओंपविभास हाप्ली। बुश। बाश ॥ २८ ॥
अभिनोवौ होतुजसात मातीम् । रयिमर्षौ होतुशतस्पृ हातीम् । इन्दोसहौ होकुस्रभर्णा सातीम् । तुविद्युम्नौ होकुविभास हातीम् । सहन्तुविद्यु म्नंषूविभा हाप्लिउ वाशा। सा हाचामेटख् ॥ २९ ॥
आखभीण। ओ इषानवन्ताया दृयुहाःट। ओइप्रि यषीमिन्द्रस्यका मायुमा याटम् । ओइवत्स न्नषुपूर्वआ यूयीनीट। ओइजा तंषीरिहन्ति मोपीबाप्ल। ताखराःप्ल ॥ ३० ॥
आ भीफानवन्त याखीदृ हाःशा। प्री यातामि न्द्रातास्या काकामाखयाणम् । वत्सन्न पूतीर्वा आकायूखनीण। जा तंकाहोइरि हाकीहोकथ्न्तीमा ताटिराःखण्। ओपइ ळाशा ॥ ३१ ॥
अभिनव न्तषुअद्रुहः ओतीहा इशा। प्रियमिन्द्रस्य काषूमिय मोतिहा इशा। वत्सन्न पूतूर्वायुन्यौहो वातुहातइश। जातंरि हाकीउ वाशा। न्तीखमाश। तारा औटिहोखबाप्ल। होप्लइ ळाशा ॥ ३२ ॥
प्रासु न्वापिनायआन्धा साःशु। मा र्क्तोथान वाटाष्टत द्वाखिचाःण। आप श्वाषिनमरा धातीसातम् । हाता माटिघन्नभ्र ङ्गाखी। वाःत्र ॥ ३३ ॥
नवम खण्डः
आभी प्रीखियाशणीपा वाखिताणइश। चाकनोहि तोटिनामा नीखियाशह्वोआ धीखियेण। षूकवर्धता एभिआसू रीखियाशस्याबृ हाखिताःण। बृकहन्नधा एभीरथां वाखिइ श्वांशाचामा रूखिहाणत् । वि चाताआउ वाटि। क्षाखणाःप्ल ॥ १ ॥
एतआ भीचाप्रीकयाफ। ओतणीपा वाचिता एताचनो हीचिता एताना माचानीकयाफ। ओतह्वोअ धीचिया एता। षुव र्धाचिता एता। आ सूचारीकयाफ। ओतस्यबृ हाचिता एताबृ हाचान्नाकधीफ। एतरा थांचावीकष्वाफ। ओतञ्चमा रूचिहा देता। विचक्ष णाःप्लु। होप्लइ ळाशा ॥ २ ॥
अभ्यौहोवाहा इषूप्रिया णीति। पावा ताकिइ चाखानोण। हितो नाटिमानिय ह्वोकीअधि यातिइशषू वाचार्धा ताचाइश। आटसूरि याकिस्यबृहा तोचीबृ हचान्नाकधाचइश। राथंवाइष्वा ञ्चाकूमरू हाकिद्वि चाताआउ वाटि। क्षातणाःटख् ॥ ३ ॥
आकभिप्रया णिकीच्पावता इशीहोइहो वाकीहो एपाचनोहिताहाइहोवाहा इशै। ना माथानिया ह्वोकिच्आधिया इशीहोइहो वाकीहो एपाषुवर्धताहाइहोवा इशे। आ सूथारिया स्यचिबृह तोशिहोइहो वाकीहो एपाबृहन्नधीहाइहोवाहा इशै। रा थंकाविष्वा ञ्चाकिच्मारू हाकिद्धोइ हो वाटीहो एपाविचक्ष णाःषीहाइहो वाप्लीहाउ वाशि। वाकजीजी गीकवातच् ॥ ४ ॥
आकभिप्रिया णीकीपवताइ चाकुनोहि ताशिहो वाकाहोचइश। ना माथानिया ह्वोकिअधियाइ षूकुवर्द्धताइहो वाकूहोचइश। आ सूथारिया स्याकिबृहतो बृकीहन्न धीशिहोइहो वाकीहोचइश। रा थंकाविष्वा ञ्चाकिमरूहा द्वीकीचक्षणा होकीवा होटाट्वाखऔहो वाशि। वाकजीजी गीकिवावि श्वाकिध नाटानीख ॥ ५ ॥
अ भ्योतावात। प्रीया णिषिपवताइच नोकूहाइ ताःटि। नामानिय ह्वोषुअधियाइ षूकुवर्ध ताटिइश। आसूर्य स्यषीबृहतोबृ हकुन्ना धीटा। राथां वाखिइ ष्वाशाञ्च मातारू हाटाद्वाइ चाटिक्षाख। णाःत्र ॥ ६ ॥
अ चोकादा सोटानोकथ्धाचनु वाटान्तूतइन्द वाःचि। प्र स्वाथाना सोटाबृह द्दाचिइ वेटाषूतहार याःचि। वीची दाचिश्नाटनाकथ्इष योटिआतरात याःचि। अ र्योथाना स्साटान्तू साचानाइ षाटिन्तूतनोधी याकिच्बुश। बाटख् ॥ ७ ॥
आ चोकादासोनोध न्वाखुन्तुविन्द वाःशी। प्र स्वाकानासोबृहद्दे वाचूख्इषूहर याःशु। वाइचीद श्नाचुनाकच्इष योखिअरात याःशी। आ र्योकानस्स न्तुषिसनीष न्तूकीनोफधी याप्लाबुश। बाश ॥ ८ ॥
हाबु होतिहाअचो दाकीसो नोथानु वाखान्तुशइन्द वाःचि। हाबु होतिहाइप्र स्वाकीना स्सोथाच्बृकहा द्देकावाखइ षुशाहर याःखि। हाबु होतिहाइविचिद श्नाचूनाकइष योखिआकरात याःखि। हाबु होतिहाअ र्योचिन स्सकाच्न्तूकसाचनि षाखान्तुनो धिया बुशु। बाख ॥ ९ ॥
अ चोताहातइश। दासो नोषिधनुवान्तु विकुन्दा वाःटा। प्रस्वाना सोषीबृह द्देकिवाइ षूकिहर याःटि। वि चोखाहा इशाद श्नोखाहा इशानाइषयोअ रोखूहाणइश। ता याकाअ र्योखाहा इशान स्सोखाहाशन्तुसा नीखिषाणम् । तु नाटाउ वाता। धीखयाःप्ल ॥ १० ॥
अचौ होतिवात। दासो नोषिधनुवान्तु विकान्दा वाःट। प्रस्वना सोषीबृहद्देवाइ षुकुहारा याःटि। वाइ चीटिदाखश्नाशनाइ षाखियोशहोअरा ताखीयाःण। होतआ र्योटानाखस्साशन्तुसा नीखिषाण। होन्तुनो धाखी। याःत्र ॥ ११ ॥
अचौहो वातीहातइश। दासो नोषिधनुवान्तु विकुन्दा वाःटा। प्रस्वाना सोषीबृहद्देवाइ षूकूहारा याःटि। वाटइ चीतादाटश्नाखनाणइषयोअ राफुतातयाःत। आटर्योतनाटस्साखन्तूणसनी षाफिन्तुनो धाखि। याःत्र ॥ १२ ॥
एकषप्रको शेटीच्माकधू मंटाअचाइ क्राखीदाणत् । इन्द्रास्यवा ज्रोटुचवाकपू षांटावपु ष्टाखिमाःण। अभाइमृता स्यांटूच्सूकदू घाटाघृता श्चूखिताःण। वाकश्राअर्षा न्तीटीपाकय साटाचधाइ नाखी। वाःत्र ॥ १३ ॥
प्रोतअया साचिइ दिफान्दूरिन्द्रा स्याटीनिष्कृ ताचिम् । स खाकास ख्युकार्न्नप्रमिना ताभुइसङ्गि राचीम् । म र्याथाइ वाकायु वाशातिभाइ स्साभीमर्ष ताचिइश। सोथमःकला शेकीशतया माभीना पाचाथाचबुश। बाटख् ॥ १४ ॥
प्रोतअया साचिइ दिथान्दूरिन्द्रा स्याटीनिष्कृ तांपिसा खाचासाकख्यूफर्न्न प्राचामिकनाफतिस ङ्गाखिइ रशाम् । म र्याथाइ वाकायु वाशातिभाइ स्साभीमर्षता एपीसो माःचाकाकलाफशे शाचाताकयाफमना पाखि। थात्र ॥ १५ ॥
प्रोअ याखिसीणत् । इन्दुरि न्द्रापीस्याशनि ष्कृकातंफसा खाचासाकख्यूफर्न्नप्रमि नापुतीशस ङ्गीकारफम् । म र्याचाईकवाफयुवातिभा एपुसाशम र्षाकाताफइश। सो माःचाकाकलाफशेशत याटीमना पाखि। थात्र ॥ १६ ॥
प्रोअयासीदि न्दुषूरिन्द्रास्यनिष्कृ तांतूकृ ताखाम् । स खाताओपण्सख्युर्न्नप्रमि नाषूतिसङ्गि रांतीगि राखाम् । म र्याताओपण्इवयुवति भिषूस्समर्ष तातीइष ताखिइश। सो माताओपण्कलशेशत याषूमना पाखि। थात्र ॥ १७ ॥
ओ वाथाइ याचा। प्रोअयासीदि न्दुषूरि न्द्रापास्या नीचाष्कृ ताफाम् । साखासख्यु र्न्नषुप्रमि नापिती सचाङ्गीकरफम् । मर्यइ वषीयुवति भा एपुसा मचार्षाकताफइश। ओ वाथाइ याचा। सोमःकला शेयुशत याटिमना पाखि। थात्र ॥ १८ ॥
धर्क्ता दाकिइ वाखाअवा एङि। पव तेचिकृकत्वियो राकिसाखअवा एङि। दक्षो दाकिइ वाखाअवा एङि। नाचमनु माकिच्दियो नृकिभाखइशअवा एङि। हाराइ स्साकीर्जाखअवा एङि। नोअ त्योकिच्नासा क्वाकिभाखअवा एङि। वृथा पाकिजाखअवा एङि। सिकृणु षातीइ नाकादाइ षूकिवाखअवा एप्लि। होप्लइ ळाशा ॥ १९ ॥
धर्क्ताबु होतीहोतहातइश। दीवःपव ताचुइ कृथाऔटहोतहातहातइश। त्वि योचारा सोचाद क्षोचादाथइवा औटिहोतहातहातइश। नामानु माकीदीयोनृ भाकीइर्हा राचिइ स्साचार्जाथऔटहोतहातहातइश। नोअ त्योकिनासक्वा भाकीइवृ थाचिपाथजा औटाहोतहातहातइश। सि कृचाणूथषा औटाहोतहातहातइश। नदी षूकिवाकऔटहोतहातहाखऔहो वाशि। एतच्ना दीकाषू वाटाख् ॥ २० ॥
वृ षाकामा तीटानाकथ्म्पाव ताटिएतवीच क्षाचिणाकएख। सो मोथाअ न्हाटाम्प्रा ताचाराइ ताटिएतउषसा न्दीचीवाकएख। प्रा णाथासाइ न्धूटिनांकथ्काला शंटिएतअचि क्राचिदाकदेख। इथन्द्रा स्याटाहाटर्द्यावाइ शाटीनेतमनी षीचिभीकरेखण्। ओपइ ळाशा ॥ २१ ॥
वृ षाटाम ताटाईनाम्पव तेकुवीच क्षाटिणाःत। सो मोटाअ न्हाटाम्प्रतरी तोकीषासा न्दाटिइ वाःता। प्रा णाटासाइ न्धटिनाङ्कल शंकीआचि क्राटिदातत् । आइ न्द्राटिस्या हाटाद्यावि शकिन्मानी षाटिइ भाखाण्इःश। ओपइ ळाशा ॥ २२ ॥
वृषामती नांकुपव ताकिइ वायाइ चापाक्षा णाःता। सो मोकाअ न्हाकाम्प्रत रीकितो षायासापन्दि वाःका। प्राकणासि न्धूकिच्नाकङ्कल शंटिअ चापाइकृ दातित् । आइन्द्रा स्याकीहार्द्यावि शकीन्मायनापइ षीशाभाणबुश। बाख ॥ २३ ॥
अ साकाविसो मोकिच्आकरू षोपावृ षाशाह राताइःश। रा जेथावदा स्मोकिच्आकभी गापाचीप्लकृ दाकात् । पु नाकानोवा राकिच्माकतिधा एपिषी याप्लाव्य याताम् । श्ये नोथानयो नीकिच्ङ्घृकत वापान्तमास दाप्लीत् । होप्लइ ळाशा ॥ २४ ॥
आसा वीखिसोशमोआ रूखिषाःण। वाकर्षाहरा एभीराजे वाखिदाशस्मोआ भीखिगाण। आकचिक्र दाटित्पूना नोखिवाशरामा तीखियेण। षीकअव्य यांटिश्येनो नाखियोशनीङ्घा र्क्ताखिवांण। त मातासाटट्दाखऔहो वाशि। देतदी वीटाख् ॥ २५ ॥
असाविसो मोषुअरुषोवृषाह रातूइःश। राजेवदस्मो अषूभिगाअचिक्र दातू। पुनानोवा रषुमत्यष्यव्य यातुम् । शेयनोनयो निंषूघृत वातिन्त मातासाटट्दाखऔहो वाशि। एतदी वीटाख् ॥ २६ ॥
प्रा देता। वामच्छामधु मकूच्न्ताकआटइकथ्न्दा वाःटा। आचसि ष्याखादकन्ताथगाव आटिच्नाकधाटच्इना वाःचि। बर्हि षाखिदाःण। वा चाचानावान्ता ऊटीच्धाकभाइः पाकिरि स्रूखातणम् । उस्रियानिर्णि जषून्धाइरा एटीधाइ राखिऔहो वाशि। धातइ राटाख्इश ॥ २७ ॥
त्रापइरस्मैस प्तषुधेनवोदुदौ होप्लूह्राङइरा इशि। सत्यामाशी रषुम्परमे व्योकीमा नीटा। चत्वार्य न्याषीभुवनानि निकुर्णाइ जाटिइश। चारू णाखिइ चाणा। क्रेकअद्रु ताटिइशरा वाटा। र्द्धाखतात्र ॥ २८ ॥
इन्द्राय सोकीमसुषु ताःखीपा रीचास्राकवाफ। आपा मीकिवाभवतु राखुक्षा साचासाकहाफ। मा ताकाइरस स्यषीमत्स ताखिद्वा याचावीकनाःफ। न्द्रा वाचाइशणस्वन्तइ हषुसन्त्वाइ न्दाखू। वाःत्र ॥ २९ ॥
इन्द्रायसोमसु षुषृतःपर्यौहोइ स्रातूवात। आपामी वाषीभवतुरक्ष सायूसापहाश। मातेरस स्यषुमत्सतद्व यायुवीपनाःश। द्राखवीप्लणाखस्वाणन्ता ईकाह साटाहोटन्तुवाइ न्दाखी। वाःत्र ॥ ३० ॥
अकञ्ज ताकाइव्यञ्जता इषुसमञ्ज ताटीइश। क्र तुंकारिहा न्तीकिमध्वा भ्यकिञ्जा ताटाइश। सि न्धोथारूच्छा सेकिपत याकिन्तामुक्षा णाटीम् । हि रकाण्यपा वाःकिपशुमा प्सूकीगृब्णा ताचिबुश। बाटख् ॥ ३१ ॥
अ ञ्जाताहोचत याताहोइ व्यकिञ्ज तेचासा मचाञ्जकताफइश। क्र तुंताहोचइशरि हाताहोटन्तिम ध्वाखिभी यचाञ्जकताफइश। सि न्धोतार्होचउ च्छ्वाताहो सेकापत याखिन्ता मूचाक्षाकणफम् । हि राताहोचण्य पाताहो वाःकापशुमप्सुगृ भ्णाखू। तात्रइश ॥ ३२ ॥
हाव ञ्जाति। तापइशव्यञ्ज तेणिसम ञ्जचिता एटाहि याताएटहि याखाहाबुक्रा तुशीम् । रापइ हणान्तिमध्वाभ्य ञ्जचुता एटाहि याताएटहि याखाहाबुसाइ न्धोःशु। ऊपच्छ्वा सेणापतयन्तमु क्षाचूणा मेटाहि याताएटहि याखाहाबुहाइ राशु। ण्यापपा वाःणापशुमप्सुगृ भ्णाचून्ता एटाहि याताएटहि याखाहाप्लबुश। होप्लइ ळाशा ॥ ३३ ॥
पावित्र न्तेकीवित तंब्रकिह्मणस्प तेकुहु वेटाहु वेटाहो वाटाहातहातइश। प्राभुर्गा त्राटीच्णीकप र्येटाषीविश्व ताचीहु वेटाहु वेटाहो वाटाहातहातइश। अतप्तत नूकुर्न्नत दाकिमोअश्नु तेकीहु वेटाहु वेटाहो वाटाहातहातइश। श्र ताकासइद्व हकीन्तस्सन्तदाश ताकूहु वेटाहु वेटाहो वाटाहातहाखऔहो वाशि। अर्को देटिवा नांटापरा मेचिव्योटमाखन् ॥ ३४ ॥
पावित्र न्तेकीवित तंकिब्रह्मणस्प तेकीच्हू वाकाऔटहो वाटा। प्राभुर्गा त्राकीणीप र्येकिषीविश्व तोकीच्हू वाकाऔटहो वाटा। अतप्तत नुकुर्न्नत दाकिमोअश्नु तेकीच्हू वाकाऔटहो वाटा। श्रतासइद्व हकून्तस्सन्तदाश ताकूहूवा औटिहोटवाखऔहो वाशि। अर्कस्य देकिवाःकच्परा मेचिव्योटमाखन् ॥ ३५ ॥
दशम खण्डः
इन्द्रम च्छाती। सूताई माटीउ वोखावाश। वृ षाकाण य्यथान्तूटच्हाकर याटाउ वोखावाश। श्रू ष्टाचाइश। जातासइ न्दा वाःचू। सूव र्वाटिइ दाःखाण्। ओपइ ळाशा ॥ १ ॥
इन्द्रम च्छाती। सूताई माटीइता ईटिमातइश। वृ षाकाण य्यथान्तूचहाकर याटाहाकराटयाःत। श्रु ष्टेकाजा ताथासाटइन्द वाटिआइन्दा वाःती। सुव राटिख्औहो वाशि। वि दोतावीटदाःख ॥ २ ॥
इन्द्रमि न्द्राती। आचच्छाकसू तायाइ मेटाआइ मेटि। वृ षाकान य्यथान्तु हाकार याटारा याःटा। श्रु ष्टेकाजा ताथासाटइन्द वाटिदा वाःटा। सुव राकिख्औहो वाशि। वि दोतावीटदाःख ॥ ४ ॥
इन्द्रमच्छसुताइ मेषृवृषणय्यन्तु हाफूहोतर यातायाःख। श्रु ष्टाकाउ वाकाजा ताकाउ वाका। सइन्द वाचीस्सूकवाफप्ल्होत। र्वि दोखाइ ळाशा ॥ ४ ॥
इकन्द्र मापाच्छा स्सूप्लाता ईखामाणइश। वृ षाचाणय्यन्तु हाकीराखयाःण। श्रु ष्टाचाइश। जातास इटीन्दाखवाःत्र। सु वातार्वि दाःटाख् ॥ ५ ॥
प्र धकान्वा सौशाहो औकाहोचवाण। म जाकाग्र वीःटा। इ न्द्राथाये न्दौशाहो औकाहोखवाण। प रीचास्रा वाटा। द्यु मकान्तां शौशाहो औकाहोखवाण। ष्म माकाभा राटा। सु वकार्विदौहो औकीहोखवात्र। ऊखपाश ॥ ६ ॥
प्र धकान्वासौहो वाकीहोम जाकिग्र वीःटा। इ न्द्राथायेन्दौहो वाकीहोइप रीकीस्रा वाटा। द्यु मकान्तांशौहो वाकीहोष्म माकिभा राटा। सु वकार्विदौहो वाकिहोटट्वाखऔहो वाशि। ऊखपाश ॥ ७ ॥
औकहोऔ होचिइशप्र धकान्वा सोटा। औकहोऔहोम जाकुग्र वीःटा। औकहोऔ होचिइशइ न्द्राथायाइ न्दोटिच्। औकहोऔहोइप रीकूस्रा वाटा। औकहोऔ होचिइशद्यु मकान्तां शूटाच्। औकहोऔहोष्म माकुभा राटा। औकहोऔ होचिइ सूकावातर्वातट्इ दाखाऔहो वाशि। ऊखपाश ॥ ८ ॥
हु वाटाइहु वाटिहो इशाप्र धकान्वा सोटाम जाकाग्र वीःटा। इ न्द्राथायाइ न्दोटिपा रीचास्रा वाटा। द्यु मकान्तां शूटाष्मा माकाभा राटा। हु वाटाइहु वाटिहो इशासूकवातर्वाटइ दाखाऔहो वाशि। ऊखपाश ॥ ९ ॥
प्राध न्वापिसोमजाग्र वीःशु। इ न्द्राटायाखइ न्दोणा। ओइ पाटिराइ स्रापिवाश। द्यु माटान्तांखशूण। ओष्म माटिभाखरात्र। सू वातार्वीटदाखम् ॥ १० ॥
स खाकाया याटाच्नीषीदतपुना नाटृयातच्प्रा गाचाय ताशा। शिशु न्नाटियातज्ञैकथ्पाराइ भूटीच्षाकता श्राटायाखण्इश। ओपइ ळाशा ॥ ११ ॥
साखाया याती। नीषी दाखिताण। पू नाटानाखयाणप्राटट्गाखऔहो वाशि। याखताश। शिशुन्नया ज्ञैःचुप रीकाभू षाटाट्ताखऔहो वाशि। श्रि येताच् ॥ १२ ॥
सखाय याषीनीषी दाटितात। पु नाकानायप्रगायताशिशु न्नाषेयाज्ञैःप राटीइभू षाटितातश्राटयाखण्इश। ओपइ ळाशा ॥ १३ ॥
ओतहाइसखाय याषूनीषी दातितात। पु नाकानौहोइपु नाकुनौहो एपियाप्राया प्राशी। गाकयतौहो इशीगाकयतौहो एपीशाइशूंशाइ शूशूम् । नायज्ञौ होतीइशनायज्ञौहो एपुपा रीतापा राखाऔहो वाशि। एतच्भूषतश्रि येतुच् ॥ १४ ॥
स खाफाययाउ वोखीवाश। नीषाइदा ताटुउ वोखावाश। पु नाकानायप्र गाकीय ताताशाइ शाटिउ वोखावाश। नायज्ञैःपारि भूटूषा ताटाउ वोखीवाश। श्रि येताच् ॥ १५ ॥
तांखवाशप्ल्स्साखखाण। योकम दाटायात। पूनानाम भीकुगा याटाट्तात। शाइशू न्नाकीह व्यैकास्वद याटिन्तगूर्क्त भाखीण्इःश। ओपइ ळाशा ॥ १६ ॥
ओइतंवस्स खातू। योकमदा याभिउ वोखावाश। पू नाकानमभि गाटीउ वोखावाश। य ताशाउ वोखावाश। शिशु न्नाकिह व्यैकास्वद याटिउ वोखावाश। न्त गाशाउ वोखावाश। र्क्तीखभीःप्ल् ॥ १७ ॥
तंवस्स खाषीयोम दातियात। पू नाकानमभि गाटीया ताचाशाइ शूटिचन्नाकहाखव्यैशस्वद यातिन्तापगूशर्क्ताखइ भोप्ला। हा इशा ॥ १८ ॥
प्रा णाता। शाखइ शूशाप्ल्र्म्मा हाखाइ नाणाम् । हि न्वाटान्नाखर्क्ताण। स्यातदाइ धीपितिशम् । वाइ श्वाकिपरिप्रि याकीभु वाटादधद्वि ताखीण्। ओपइ ळाशा ॥ १९ ॥
प्राणाप्रा णाती। शाइ शूटिश्शाइ शूटिर्म्म हाताआउवा एभी। नाखम् । हिकन्वन्ना र्क्ताकिस्य दाताआउवा एभी। धीखतिशम् । वि श्वाकापरिप्रि यातीआउ वाटि। भूखवाशत् । अ धौटाहौटहुवाइ द्वाटीट्इ ताखाऔहो वाशि। उ ऊखापाश ॥ २० ॥
प्राणाशि शूःती। म हाटाइनमौ होखीवात्र। हिकन्वन्नृत स्यशीदीधि तिंकिवाइ श्वाकिउ वाकापा राकाउ वाका। प्रि याटाभुवद धाकीउ वाता। एतद्वि ताताच् ॥ २१ ॥
प्राणा होखिइयाहा इशी। शाइ शूटिच्र्म्महाइ नाटीमाचबु होकाऔकहो वाका। हिकन्वन्नृत स्यषीदीधिताइ माटुबु होकाऔकहो वाका। विश्वावा राटीबु होकाऔकहो वाका। प्रीया भूटिटवाखऔहो वाशि। आचधाद्वि तातिच् ॥ २२ ॥
प्रा णाफाहाप्लहोइ शाखिइशशूप्लर्हा होताइश। माकही नांटाहो वाकाहो एपा। हि न्वाप्लन्नहहो याखीर्क्ताशप्ल्हा होताइश। स्या दीचाधि ताकाइंहो वाकिहो एपा। वी श्वाफाहाप्लहोइ पाखिरीशप्ल्हाह होतिइश। प्री याचाभु वाटाद्धोकवाकहो एपा। आपधाशद्वाखइ तोप्ला। हा इशा ॥ २३ ॥
पावास्व दाटीइवावी ताखीयाणइश। इन्दोधा राटीभीरो जाखिसाण। आकलशम्मा धूकूमाखन्सोण। मान एचिमा नाःपासदा एप्लि। होइप्लळाशा ॥ २४ ॥
पवस्व दातीच्इवावीत याषुइ न्दोकाधाकराखभिरोजसा एप्लु। आ काटाहातला शाटाम् । मा धुटाहोतमा न्सोटाच्माकनोपबाप्ल। स्वा दोप्ला। हा इशा ॥ २५ ॥
सोमःपु नाती। न ऊकार्म्मी णाचाव्यंथवा रांटावि धाकाव ताचाइश। अ ग्रेथावा चाःटाच्पाकव माटाट्नाखऔहो वाशि। क नीकाकृद देति। ऊटपाख ॥ २६ ॥
सोमःपू नाती। न ऊकार्म्मि णाकाउ वाकाओटट्वाखऔहो वाशि। अव्यंवारंवि धाटूवत्य ग्रातिउ वाकाओटट्वाखऔहो वाशि। वाकचःषपवमानःक नाचूउ वाकाओटट्वाखऔहो वाशि। क्राखदाशत् ॥ २७ ॥
सोमःपुनान ऊतू। र्म्मिणाव्यंवा रांकुवीधा वाटितीत। अग्रेवा चाःचीपावमा नाःचीका नीकाक्राफदाखत् ॥ २८ ॥
सोमःपु नाषीनऊर्म्मि णाखुऐ हीप्ला। अव्यंवा रांकीच्वि धाकाव ताखाऐ हीप्ला। अग्रेवा चःषीपवमा नाखीऐ हीप्ला। का नीता। क्रददेहिया हाप्लू। होप्लइ ळाशा ॥ २९ ॥
सोमःपु नाषीनऊ र्म्मीखिणाण। अव्यंवा रंकीच्वी धाकावत्य ग्राटिओइ वाखिचाःण। प वाटाओ माखानाःण। कनाइ क्राखीणफप्ल्। दाखत् ॥ ३० ॥
सो माःचापूकनाफप्ल्ओन ऊखिर्म्मिणा एप्लि। अव्यंवारंवि धायूवापतीश। अग्रे वाखिणफप्ल्चाःतच्पाकव माटानाःत। काटट्नाखऔहो वाशि। क्रद देखि ॥ ३१ ॥
प्रापु नापिनायवेधसा इशू। होइहो इषीसोमायावा चाटुउच्या ताभिइश। भृतिन्नभ राकुमाति भाकिइर्जूजो षाटीताखण्इश। ओपइ ळाशा ॥ ३२ ॥
प्रपुनानौ होफुयवेध साकीइश। सोकमा औकाहोखयवचउच्यता इशृ। भृता औकिहोखइन्नभ राप्लीमाति भाङिइःश। जु जोताआउ वाटि। षाखतेश ॥ ३३ ॥
गोम न्नोफिप्ल्होइ न्दोखिअश्व वाप्लिदेश। सूतःसुदक्ष धायूनीपवाःश। शुचिञ्च वाखीणफप्ल्र्णामधि गोखीऔ होता। षु धाकाराकया औटाहोखबाप्ल। होप्लइ ळाशा ॥ ३४ ॥
हावा स्माति। भ्याखन्त्वाशवासु वाखिइ दणाम् । अ भाटाइ वाखाणीशरनाउ वोखीवाश। षाखताश। गोभि ष्टेचिव र्णाथाच्माभि वाटिसयाम सिशी। होखइ ळाप्ला ॥ ३५ ॥
पवते हाती। री याचातोटहरि रौकिच्होययौटहोखवाश। आतिह्व रांटीच्सीकरंही याकिच्औशहोययौटहोखवाश। अभ्यर्षस्तोतृ भ्योकूवा औकाच्होययौटहोखवाश। राटट्वाखऔहो वाशि। य शोताच्याकशाःटख् ॥ ३६ ॥
प वाखापवते हाशी। री याचातोटहरि रौकिच्होययौटहोऔ होखि। आतिह्व रांटीच्सीकरं ह्याकाऔशहोययौटहोऔ होखि। अ भ्यकार्षस्तोतृ भ्योकीवा औकाहोययौटहोऔ होखि। राटट्वाखऔहो वाशि। य शोताच्याटशाःख ॥ ३७ ॥
पवतेहर्य तोफूह रीतारापतीह्व रांप्लिसीरं ह्याङि। अभ्य र्षापिस्तो तृप्लाभ्यो वाताइ राटाट्राखऔहो वाशि। याखशाःप्ल ॥ ३८ ॥
परी कोखिशंमधुश्चू तंशु। सोमःपु नाकीनोअर्षतीहो एटूअभि वाखिणफप्लणीतर्ऋचषी णाथाम् सप्ता नाटिउ वोखावाश। षाखताश ॥ ३९ ॥
एकादश खण्डः
पा वाता। स्वामाधुमाक्ता माटूउ वोखावाश। ईखन्द्राश। यसो माकिक्राकतूकविक्ता माभिमा दाटाओइमा हाटीउ वोखावाश। द्यु क्षाचात मोतामा दाःटा ॥ १ ॥
पवस्वमा एतु। धु माकाक्तमा इकिन्द्राय सोतिओ औकाहोतवात। माक्रातू वीटीत्तातओ औकाहोखत मोखामा दाःता। महाइ द्यूटीट्क्षाखऔहो वाशि। त मोतामाटदाःख ॥ २ ॥
पवस्वमधु माषूइ हाता। क्तामाइन्द्रा यषुसोमःकृतु वीकुक्तमो माटिदाइ हाति। महाइ द्यूटीक्षाइ हाति। तामो माटिदाःखण्। ओपइ ळाशा ॥ ३ ॥
पाखवस्वमधू माप्लुक्ताङमाःश। आइन्द्रायसो माटूक्राकतुवाइ त्तापीमोशमातदाःत। माहिद्युक्षा तापुमोशमाखदोप्ल। हा इशा ॥ ४ ॥
पावा स्वापिम धूप्लाम क्ताखामाःण। इन्द्रायसो माटुचक्राकतुवाइ क्तापीमोशमातदाःत। महाइद्युक्षा तापूमोशमाखदोप्ल। हा इशा ॥ ५ ॥
अभाइ द्युकीम्नाखम्बृहा द्याकिशाःफ। इळास्प तेकीदिदीहि देखीवाशदे वाकायूफम् । वीको शकिम्मद्ध्य मांकि। यूखवात्र ॥ ६ ॥
अभ्येद्यू म्नातीम् । बृ हाचाद्यायशाःट। इळास्प ताषीइदि दीकिहाखइ देशावादाइ वाखीयुंशविकौवाउ वोखुवाण। श र्म्माकाद्ध्या मांताआउ वाटि। यूखवाश ॥ ७ ॥
अभिद्यु म्नषीम्बृहदि हाती। याशाइळास्प तेषूदिदीहि देकीवादे वाटियूतम् । विकौहो वातीहातइश। श र्म्माटाच्द्ध्या मंकायू वाकाइळा भाखिण्। ओपइ ळाशा ॥ ८ ॥
अभिद्युम्न म्बृतुहद्य शाःति। ईकळास्पताइदि दीकूहिदाइ वाकीदेव यूचिम् । वीकोशम्मद्ध्य मांटूच्होययूपवाएहि याप्लीहाश। होप्लइ ळाशा ॥ ९ ॥
आसोता पाती। राटइ षाखाऔहो वाशि। ञ्चाखताश। अ श्वथान्न स्तोकाममप्तू रंकीरज स्तुकिरमो एभिव नाताओ एटाप्र क्षाखाऔहो वाशि। उ दाताप्रूटताखम् ॥ १० ॥
आसोता पाती। रि षिकाञ्च ताटाऊटहोकवाथऊट। अ श्वथान्न स्तोकाममप्तु राटीऊटहोकवाथऊट। राचजस्तु राटिऊटहोकवाथऊट। वान प्राचिक्षाटऊटहोकवाथऊट। उ दाताप्रूटताखऔहो वाशि। उ ऊखापाश ॥ ११ ॥
आसो ताटिपात। रिषाइञ्च ताटुअश्वन्नस्तोम माकूप्तूखरंशरज स्तूखिरंवनोहा बुशु। प्राक्षा मूपिदाशहिम्मा एभि। प्रूखतशम् ॥ १२ ॥
आसोता पातीरीषिञ्च ताती। आ श्वाटाऔ होखावाश। न स्तोकाममप्तु रंकीरजस्तु रंषीहोइव नाटीऔ होखावाश। प्र क्षाकामु दाताप्रूटताखम् ॥ १३ ॥
आ सोखाऔ होतातापाराइ षीयुञ्चा ताटाआश्वन्नस्तोम माकूप्तूखरशम् । रज स्तूखिरंवनोहा बुशु। प्रा क्षाकामु दाताआउ वाटि। प्रूखतशम् ॥ १४ ॥
आ सोणाताचपाफप्ल्होरि षीखिञ्चता एप्लि। आ श्वचान्न स्तोथाच्माचमायप्तू रटाम् । राजस्तू रंकीवाचनायप्रा क्षांटा। ऊपदांशप्रूखतांप्ल। हा इशा ॥ १५ ॥
ए ताताम् । उत्यम्म दाटीश्चूखतणम् । साहास्रा धाकीरंवार्षा भांटीदी वोटादूखहणम् । वि श्वाटाहोइहोइ वाटुसूत। नाटइ बाखाऔहो वाशि। भ्राखतशम् ॥ १६ ॥
एतमू त्यतीम् । म दाताआउ वाटि। च्यूखतशम् । साहास्र धाकीरंवृ षाकिभन्दि वोटिदूकहांखवाइश्वाव सूशु। नि बाकाआउवा एभी। भ्राखतशम् ॥ १७ ॥
एतमुत्य मेकुम दाता। च्यूतांसहस्र धाषूरंवृषा भकीन्दीवो दूटिहातम् । वाइ श्वाटिवा सुटाच्नीकबोपबाप्लभ्रा तांप्ला। हा इशा ॥ १८ ॥
एतमुत्य मोकुहा इषामदच्युत मोतुहातइश। साहा स्राखिधाशरंवा र्षाखिभणम् । दीवोदुह मोखुहाणइश। वि श्वाटाहोइ वाटिसूत। नाटइ बाखाऔहो वाशि। भ्राखतशम् ॥ १९ ॥
ए ताफामुत्यम्म दाखीच्यु तशाम् । साहास्र धाकीरंवृषा भटीन्दी वोटाच्दूह मोचिइश। विश्वावसूनि बाटूच्होकच्इ भ्राकात माताआउ वाटि। उ ऊखापाश ॥ २० ॥
ए ताखामुत्यम्म दाप्लीच्यू तशाम् । साहास्र धाटीरांवृ षाचिभन्दि वोटिओ वाका। दूपहाशम् । विश्वावसूनि बाटूआ एटा। भ्रापतामेहि याप्लीहाश। होप्लइ ळाशा ॥ २१ ॥
सा सूता। न्वे योकावा सूटानातम् । यो राटायामा नेचिताथयाइ ळाटिनातम् । सोटमाःत। या स्सूकाक्षी तापाआइ नांप्लि। हा इशा ॥ २२ ॥
ससु हातिबुश। न्वेयोवासू नांटुहातबुश। यो राचायामा नेचिताथयाइळा नांटीहातबुश। सोमोया स्सूटीहातबुश। क्षि तीकाना मौपाहो बाप्ला। होप्लइ ळाशा ॥ २३ ॥
सस्वेसा सूती। न्वे योकावा साताआउ वाटि। नांख। यो राटायामा नेचिताथयाइळा नांटीसोमौवाउ वोखुवाण। या स्सूकाक्षि ताताआउवा एभि। नाखम् ॥ २४ ॥
ससून्वेया एषुवा सूता। नाकयो रायायापमा नेकाताथयाइ ळाटिनांखसो माःता। या स्सूकाक्षि ताखाणफप्ल्इश। नाखम् ॥ २५ ॥
सासू न्वेपियोवसू नाशीम् । योकराययापमा नेकाताथयाइ ळापिनात्रम् । सो मोटायस्सुक्षि तीकीनाखम् । सोटमाःख ॥ २६ ॥
त्वंहि यातिम् । गदाइ व्यषीपवमानज निचूमाकच्नि द्युकामाटक्ता माःटा। आ माटार्क्ता त्वाटायाकघोपबाप्लषा याप्ला। न्हा इशा ॥ २७ ॥
त्वंहि यातिम् । गदाइ व्यषीपव माकिनाकहो वाटाहातइश। जनि माटिनीखद्यू मापार्क्तातमाःत। आमा र्क्ताटिट्त्वाखऔहो वाशि। य घोकाषा याटाख्न् ॥ २८ ॥
त्वंह्यंग दाती। इव्यपवमा नषूजनि माकिनिद्यू माटिक्ता माःता। आमा र्क्ताटित्वातच्याकघोपबाप्लषा याप्लान् । हा इशा ॥ २९ ॥
त्वंहा यांखिगादाइ व्याप्लीम् । पाव माटिनाकथ्जनि माटिच्नाकयेपद्यू मापाक्तातमाःत। आमा र्क्ताभित्वातच्। याकघोपबाप्लषा याप्लान् । हा इशा ॥ ३० ॥
एकषस्यधारा यायुसू ताःटा। अ व्याथाच्वाकराइभा इःषीपवतेम दिकुन्ता माःचा। क्रीळा न्नूटिर्म्मातइःश। आपपाशमाखइ वोप्ला। हा इशा ॥ ३१ ॥
एकषा स्यापधारयासु ताःशु। अव्या होभिइशवारे भिःषिपवतेम दीयुन्ता माःटा। क्री ळाटाच्न्होयऊटर्म्मीःत। अ पाचामीकवा औटाहोखबाप्ल। होप्लइ ळाशा ॥ ३२ ॥
एषस्य धाफीरयासु ताःकी। अ व्याथाच्वाकराइभिःप वाकुतापइम दीशिन्त माःका। क्रीळान्नू र्म्मीषीरपाउ वाकीओपबाप्लमाइ वोप्लि। हा इशा ॥ ३३ ॥
ए षाःता। स्य धाकार याताआउ वाटि। सूखताःप्ल। अव्यावा रेषीभिःपव तेकीच्माकदि न्ताटामाःख। क्रीळा न्नूयिर्म्मीटर पाताहिंपबाश। माइ वाटिख् ॥ ३४ ॥
ए षाताहातबुश। स्य धाकार याताआउ वाटि। सूखताःप्ल। अव्यावा रेषीभिःपव तेकीच्माकदिन्ता माःभि। क्री ळातान्हातबुश। ऊ र्म्मीकार पाताआउ वाटि। मीखवाश। ॥ ३५ ॥
याउस्रि याषीअपि याकिआचन्तारश्मा नीखी। नि र्गाताहातबुश। आ क्रकान्त दोताआउ वाटि। जाखसाश। आभिवृ जषीन्तन्ती षेकीगव्यमश्वि याटुख्म् । व र्म्मीताहातबुश। वा धृकाष्ण वाताआउ वाटि। रूखजाश ॥ ३६ ॥